
लखनऊ। सीएम योगी (CM yogi) व यूपी सरकार (UP government) के मंत्रियों के लिए रविवार का दिन खास रहा। सुशासन व प्रबंधन के गुर सीखने के लिए सीएम योगी (CM yogu) की टीम आईआईएम लखनऊ (IIM Lucknow) पहुंची। सभी मंत्री सीएम योगी (CM Yogi) के साथ अपनी वीआईपी गाड़ियों (VIP Cars) में नहीं बल्कि आम छात्रों की तरह एक बस में सवार होकर आईआईएम (IIM) पहुंचे। वहां सभागार में अत्याधुनिक तरीके से शिक्षा की व्यवस्था की गई थी। सभी मंत्री वहीं पहुंचे और आईआईएम (IIM) के दिग्गजों से लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (leader development program) पर सुशासन (discipline), प्रबंधन (Management), नेतृत्व कौशल व जनभागीदारी के गुर सीखेंगे व कई सवाल भी पूछे। शाम तक यह सिलसिला चला जिसके बाद सभी प्रबंधन साहित्य और कुछ 'होमवर्क' लेकर अगले चरण के लिए घर लौट गए। हालांकि इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि सरकार जनता की आशाओं और आकांक्षाओं की कसौटी पर खरी उतरी है।
वीआईपी गाड़ियों का किया त्याग-
आईआईएम जाने से पहले सभी मंत्री सीएम कार्यालय पर उपस्थित। इसके बाद सीएम समेत सभी 56 मंत्री पहले से तैयार खड़ीं 4 बसों में सवार होकर आईआईएम के लिए रवाना हो गए। बसा से जाने का फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का था। उनका कहना था कि मंत्रिगण अपने कार्य का कौशल सीखने जा रहे हैं न कि अपना वैभव का प्रदर्शन करने। इसलिए कोई भी मंत्री वाहनों के काफिले से नहीं जाएगा बल्कि बस से जाएगा। आईआईएम में सीएम ने पहले ट्रेनिंग मॉड्यूल सेशन का उद्घाटन किया। उसके बाद शाम 6 बजे तक अलग-अलग विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। दूसरा सत्र 15 सितंबर को होगा और तीसरा सत्र 22 सितंबर को होगा।
सरकार के कार्यकाल के पहले 100 दिन सरकार के साहस दर्शाते हैं-
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन सरकार के साहस, निर्णय लेने की क्षमता और लोक कल्याण की संकल्पबद्घता दर्शाते हैं।
न कापी न किताब, फिर भी पढ़ा प्रबन्धन-
योगी टीम का शिक्षा प्राप्त करने का सिस्टम अत्याधुनिक था। इसमें न कोई मंत्री किताब लिए था और न कोई कापी। लेंफ्टीनेंट कमांडर से लेकर अन्य प्राफेसरों ने उन्हें शिक्षा दी।
स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई थी। हर मंत्री की टेबल पर फाइल में बंद फोलियो रखा था, जिसमें एक पेन और पेपर थे। मंत्रियों को जो पढ़ाया गया वो उन्होंने नोट किया और प्रबन्धन गुर सीखे।