
CM Yogi 818 Candidates Appointment Letter: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्षों तथा सदस्यों को भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोग यदि राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होकर काम करें और परीक्षाएं पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण तरीके से हों तो युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में विज्ञापन जारी होने से लेकर परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति पत्र वितरण तक की प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में मेरिट और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय आयोगों और भर्ती बोर्डों में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के कारण भर्तियों की प्रक्रिया बदनाम हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में युवाओं को नौकरी के लिए प्रदेश से बाहर जाने की मजबूरी महसूस होती थी।
उन्होंने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि कई भर्तियों में अनियमितताएं हुईं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में अविश्वास पैदा हुआ। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने समूह ग और घ की भर्तियों में साक्षात्कार की व्यवस्था खत्म कर लिखित परीक्षा और मेरिट आधारित प्रक्रिया को प्राथमिकता दी। इन आरोपों पर विपक्ष की अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं रही हैं। समारोह में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान अपनी सरकार की भर्ती प्रक्रिया को पूर्ववर्ती व्यवस्थाओं से अलग बताते हुए पारदर्शिता और मेरिट को प्राथमिकता देने की बात कही।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के सामने रोजगार, निवेश और कानून-व्यवस्था समेत कई चुनौतियां थीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाशाली युवा शक्ति को पर्याप्त अवसर नहीं मिले। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि 'बीमार उत्तर प्रदेश नहीं था, सरकारों की मानसिकता बीमार थी।'
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली भ्रष्ट और भेदभावपूर्ण थी, जबकि वर्तमान सरकार युवाओं को प्रदेश की आर्थिक शक्ति के रूप में देखती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी युवा आबादी को रोजगार और अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक उत्तर प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने आने वाले समय में पुलिस और होमगार्ड विभाग में प्रस्तावित नियुक्तियों का भी उल्लेख किया। पुलिस भर्ती की प्रक्रिया के विभिन्न चरण पूरे होने के बाद फिजिकल और मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया जारी होने की बात उन्होंने कही। होमगार्ड में भी हजारों पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया का जिक्र किया गया। इन भर्तियों के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग आयोगों और भर्ती संस्थाओं के माध्यम से परिणाम जारी होने के साथ नियुक्तियों का क्रम आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आयुष क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी और होम्योपैथी जैसी चिकित्सा पद्धतियों को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष क्षेत्र में विश्वविद्यालय और नए संस्थान विकसित किए जा रहे हैं और इसके साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। शनिवार को नियुक्ति पाने वाले युवाओं में आयुष विभाग के 404 अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के साथ आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी से जुड़े शिक्षण एवं अन्य पदों पर चयनित अभ्यर्थी भी हैं। वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में 357 एक्स रे टेक्नीशियन की नियुक्ति की गई है।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग में भी विभिन्न तकनीकी ट्रेडों के लिए 48 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इनमें प्लंबर, मैकेनिक ट्रैक्टर, वायरमैन, पेंटर सामान्य, सर्वेयर, मैकेनिकल मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स और लेदर गुड्स मेकर जैसे ट्रेड शामिल हैं। इन नियुक्तियों का संबंध औद्योगिक प्रशिक्षण और तकनीकी कौशल से है। सरकार की ओर से कौशल आधारित प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में इन ट्रेडों के अनुदेशकों की नियुक्ति प्रशिक्षण संस्थानों में मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।
कार्यक्रम में आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी।
हंसराज विश्वकर्मा ने नियुक्ति पत्र को अभ्यर्थियों की मेहनत और संकल्प का परिणाम बताया। मयंकेश्वर शरण सिंह ने चिकित्सा क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए नव चयनित युवाओं को शुभकामनाएं दीं। आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि प्रदेश में आयुष क्षेत्र का विस्तार हुआ है और इसके साथ रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा भी भेंट की गई। आयुष राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने मुख्यमंत्री को भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा प्रदान की। वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह तथा अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने मुख्यमंत्री को रुद्राक्ष का पौधा और भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट की। एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा और प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने भी मुख्यमंत्री को पौधा और भगवान श्री राम दरबार की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में नव चयनित अभ्यर्थी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं से कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की सेवा की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि अब चयनित युवा शासन-व्यवस्था का हिस्सा बनकर अपनी प्रतिभा का उपयोग प्रदेश के विकास में करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली युवा उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि युवा अपनी क्षमता और प्रतिभा का उपयोग प्रदेश के विकास में करेंगे तो उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा। लोक भवन का यह कार्यक्रम 818 युवाओं के लिए सरकारी सेवा की नई शुरुआत का अवसर बना। वहीं मुख्यमंत्री की ओर से अगले छह महीने में एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियों के लक्ष्य के ऐलान के बाद आने वाले महीनों में भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया पर युवाओं की नजर रहेगी।