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UP Weather Alert: बहराइच-लखीमपुर में मौसम का ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं संग भारी बारिश की चेतावनी जारी

Heavy Rain: बहराइच और लखीमपुर खीरी में अगले तीन घंटों के लिए मौसम का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। तेज हवाओं, गरज-चमक और मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

Sep 19, 2026

लखीमपुर खीरी में तेज हवाओं और बारिश के दौरान सड़क पर आवाजाही करते लोग। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

लखीमपुर खीरी में तेज हवाओं और बारिश के दौरान सड़क पर आवाजाही करते लोग। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

Weather Alert: उत्तर प्रदेश के बहराइच और लखीमपुर खीरी जिलों में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। सचेत ऐप के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अगले तीन घंटों के दौरान दोनों जनपदों में कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की बहुत संभावना जताई गई है। मौसम संबंधी चेतावनी में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने तथा झोंकों के दौरान इसकी गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका व्यक्त की गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और आकाशीय बिजली की गतिविधि की भी चेतावनी दी गई है।

अचानक बदल सकता है मौसम

मौसम विभाग और आपदा चेतावनी तंत्र की ओर से जारी ऐसे अलर्ट का उद्देश्य संभावित खराब मौसम से पहले लोगों को सतर्क करना है। सचेत पोर्टल राष्ट्रीय स्तर पर आपदा संबंधी जियो-टार्गेटेड चेतावनियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, जिसके जरिए मौसम समेत विभिन्न आपदाओं से जुड़ी सूचनाएं लोगों तक पहुंचाई जाती हैं। बहराइच और लखीमपुर खीरी में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान में बादल छाने के बाद तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता मध्यम से भारी रह सकती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर जलभराव, पेड़ की शाखाएं टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

50 किमी तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके

अलर्ट में विशेष रूप से तेज हवाओं को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। सामान्य तौर पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं खुले स्थानों पर असुविधा पैदा कर सकती हैं, जबकि झोंकों के साथ गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने पर कमजोर पेड़ों, होर्डिंग, टीन शेड और अस्थायी ढांचों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे मौसम में लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है। घर से बाहर रहने वाले लोगों को मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान की ओर जाने में देरी नहीं करनी चाहिए। विशेष रूप से बाजार, खेत, सड़क किनारे और खुले मैदानों में मौजूद लोगों को तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

बिजली कड़कने के साथ बारिश का खतरा

अलर्ट में बारिश के साथ बिजली कड़कने की भी संभावना जताई गई है। आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे, तालाब या अन्य जल स्रोतों के आसपास खड़े रहना जोखिमपूर्ण हो सकता है। गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित भवन के भीतर रहना अधिक उचित माना जाता है। लखीमपुर खीरी के लिए भारतीय मौसम विभाग के स्थानीय मौसम पेज पर भी मौसम संबंधी पूर्वानुमान और चेतावनियां उपलब्ध हैं। वहीं बहराइच के लिए भी IMD के स्थानीय मौसम विवरण में तापमान, बारिश और चेतावनी की जानकारी दर्ज की गई है।

किसानों के लिए भी सतर्क रहने का समय

बहराइच और लखीमपुर खीरी दोनों ही कृषि प्रधान क्षेत्र हैं। ऐसे में अचानक बारिश और तेज हवाओं का असर खेतों में खड़ी फसलों पर भी पड़ सकता है। किसानों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाली अगली चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है। खुले में रखे कृषि उपकरण, मशीनरी और अन्य सामान को सुरक्षित स्थान पर रखने से तेज हवा के दौरान नुकसान की आशंका कम की जा सकती है। खेतों में काम कर रहे किसानों को गरज-चमक शुरू होने पर खुले क्षेत्र में रुकने के बजाय सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की सलाह दी जाती है।

बिजली और यातायात पर भी असर संभव

तेज हवाओं और बारिश के कारण बिजली के तारों या पेड़ों के गिरने से स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हो सकता है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में सड़क किनारे जलभराव की स्थिति बनने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को मौसम खराब होने पर गति नियंत्रित रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की जरूरत है। यदि किसी मार्ग पर पानी भर जाए या पेड़ गिरने जैसी स्थिति दिखाई दे तो जल्दबाजी करने के बजाय सुरक्षित रास्ते का इस्तेमाल करना बेहतर होगा।

प्रशासनिक मशीनरी भी रहेगी अलर्ट

मौसम की चेतावनी के बीच स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के लिए भी सतर्क रहना जरूरी है। जिला स्तर पर मौसम संबंधी अलर्ट की निगरानी के साथ संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा सकती है। विशेष रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों, जर्जर भवनों और ऐसे स्थानों पर ध्यान देना जरूरी होगा जहां तेज हवाओं के दौरान नुकसान की आशंका अधिक रहती है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का सचेत सिस्टम इसी तरह की चेतावनियों को विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है। पोर्टल के अनुसार, यह व्यवस्था मौसम और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में समय पर अलर्ट प्रसारित करने के लिए जियो-टार्गेटिंग का इस्तेमाल करती है।

अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण

फिलहाल बहराइच और लखीमपुर खीरी के लिए जारी चेतावनी अगले तीन घंटों की अवधि को लेकर है। इसलिए इस दौरान लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर बनाए रखनी चाहिए। बारिश शुरू होने या तेज हवाएं चलने पर पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा।

मौसम संबंधी अलर्ट समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए नागरिकों को सचेत ऐप, मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी होने वाली ताजा जानकारी देखते रहने की जरूरत है। खासकर बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देना और खुले स्थानों से दूर रहना बेहद जरूरी है। बहराइच और लखीमपुर खीरी में अगले कुछ घंटे मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताए गए हैं, ऐसे में सावधानी ही संभावित नुकसान को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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