
अखिलेश यादव फोटो सोर्स @samajwadiparty Facebook
Uttar Pradesh News:उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा है। अखिलेश ने लोधी और निषाद समाज के नेताओं व जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा पर पीडीए समाज को डराने-धमकाने की कोशिश करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली हार की हताशा में लोकतांत्रिक तरीके की जगह ‘लठतांत्रिक’ तरीके अपना रही है। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा अब दोबारा सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने सामाजिक बंटवारे की राजनीति खत्म होने की भी बात कही।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अबकी बार भाजपा जाएगी तो फिर कभी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की काठ की हांडी भी जलकर राख हो चुकी है और सामाजिक बंटवारे की राजनीति की आंच भी खत्म हो गई है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अब लूट-खसोट से कमाई गई राशि को आपस में बांटने के चक्कर में एक-दूसरे के ‘भ्रष्टाचार व बेईमानी’ के राज-रहस्य उजागर किए जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर की चोरी और शंकराचार्य पर किए गए हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों ने भाजपा और उसके साथियों की पोल खोल दी है। अखिलेश ने कहा कि इससे सनातन समाज पूरी तरह भाजपा के विरुद्ध हो गया है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति का भी अंत हो गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि वह सामाजिक न्याय का राज लाकर ‘बंधुराष्ट्र’ बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इससे नई सोच को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं की पॉजिटिव थिंकिंग पर आधारित प्रोग्रेसिव नियो-इंडिया (Neo-India) बनेगा। उन्होंने कहा कि इस Neo-India में कोई पीड़ित, दुखी, अपमानित नहीं होगा। हर समाज के निर्बल, शोषित, वंचित और उत्पीड़ित लोगों को समानता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। अखिलेश के इस बयान को साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा पर उनके ताजा हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
Updated on:
19 Sept 2026 12:44 pm
Published on:
19 Sept 2026 12:16 pm
