
CM Yogi Bulldozer Baba Statement: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लखनऊ में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कलाकारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से आए कलाकारों से बातचीत की और उन्हें सम्मानित किया।
इस दौरान कलाकारों ने अपने अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। बातचीत के दौरान छत्तीसगढ़ के कलाकार कुलभूषण चंद्राकर ने बताया कि करीब 15 साल पहले उन्हें अयोध्या जाने का मौका मिला था और अब वह अयोध्या का बदला हुआ स्वरूप देखने के लिए उत्साहित हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि तब की अयोध्या और आज की अयोध्या में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान अयोध्या त्रेता युग की याद दिलाती है।
कुलभूषण चंद्राकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लोग 'बुलडोजर बाबा' के नाम से भी जानते हैं। यह सुनकर मुख्यमंत्री मुस्कुराए। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि आपको बुलडोजर पसंद है ना? इसके बाद योगी ने कहा कि कलाकार गा सकते हैं, लेकिन वह गाना नहीं गा सकते। हालांकि, उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि कम से कम गलत लोगों पर बुलडोजर तो चलवा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान देश की सांस्कृतिक विविधता को भारत की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से आने वाले कलाकार सिर्फ मनोरंजन नहीं करते, बल्कि अपनी लोक परंपराओं, संस्कृति और विरासत को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का काम भी करते हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कलाकारों की प्रस्तुतियों में किसी क्षेत्र का इतिहास, उसकी परंपराएं और लोक जीवन दिखाई देता है। यही विरासत आने वाली पीढ़ियों को अपने अतीत से जोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए सांस्कृतिक एकता के साथ सुरक्षा और सामाजिक एकजुटता भी जरूरी है। मथुरा के कलाकार राजेश प्रसाद शर्मा ने मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान मथुरा को विभिन्न बड़े आयोजनों की सौगात देने के लिए उनका आभार जताया। इस पर योगी ने कहा कि लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए हर क्षेत्र और जिले में सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इससे स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा और लोक कथाएं व परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचेंगी।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के दीपोत्सव और रामनवमी, बरसाना के रंगोत्सव, मथुरा की जन्माष्टमी, बुंदेलखंड की आल्हा परंपरा और प्रयागराज के माघ मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि देश की समृद्ध लोक संस्कृति को संरक्षित करना भी है।
बातचीत के दौरान कई कलाकारों ने अयोध्या और लखनऊ घूमने की इच्छा भी जताई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनके भ्रमण की आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को करीब से जानने का प्रयास करना चाहिए। योगी ने कहा कि जब अलग-अलग राज्यों के लोग एक-दूसरे की संस्कृति को समझते हैं, तो आपसी जुड़ाव बढ़ता है। कलाकार इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी प्रस्तुतियां 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं।