प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, उनके सम्मान और स्वावलंबन के लिए योगी सरकार 17 अक्टूबर से मिशन शक्ति का आगाज करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) बलरामपुर से और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल लखनऊ से इस अभियान की शुरूआत करेंगी।
लखनऊ. प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, उनके सम्मान और स्वावलंबन के लिए योगी सरकार 17 अक्टूबर से मिशन शक्ति का आगाज करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) बलरामपुर से और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल लखनऊ से इस अभियान की शुरूआत करेंगी। यह अभियान शारदीय से वासंतिक नवरात्रि तक चलेगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस अभियान में नौ दिनों तक हर थाने में अराजकतत्वों की सूची बनाई जाएगी। विजयदशमी के ठीक बाद अपराधियों को उनके गुनाह की सजा मिलेगी। उन पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
घोषित दुराचारियों की चौराहों पर लगे तस्वीर
गुरुवार को शासन स्तर एवं जिला स्तर के अधिकारियों मिशन शक्ति के संबंध में निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि महिलाओं, बेटियों, नाबालिग बच्चों और अनुसूचित जाति के लोगों के विरुद्ध अपराध करने वालों का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए कि वह गले मे तख्ती लटकाकर माफी मांगते फिरें या प्रदेश छोड़कर भाग जाएं। आरोपियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाईयों की दैनिक रिपोर्टिंग होनी चाहिए व शासन स्तर पर इसकी समीक्षा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि घोषित दुराचारियों की चौराहों पर फोटो लगाएं।
त्योहार को लेकर सतर्क रहें अधिकरी
नवरात्रि, दशहरा, दीवाली सहित आगमी त्योहारों पर अपराध की गतिविधियों पर अंकुश लग सके, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि थाना स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतों में अब पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय होगी। किसी माफिया या अपराधी के साथ किसी अधिकारी की संलिप्तता मिली तो उस अधिकारी के विरुद्ध ऐसी सख्त कार्रवाई होगी, जो नजीर बनेगी।