
लखनऊ. सीएम योगी द्वारा पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गई मुहिम में आज एक बड़ा कदम उठाया गया है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यूपी में प्लास्टिक से निर्मित कई चीजों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। वहीं 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर पॉलिथीन व प्लास्टिक बैन का तीसरा चरण था। 15 अगस्त को प्लास्टिक के कप, चम्मच, प्लेट पर रोक लगाने के बाद तीसरे चरण में अब 2 अक्टूबर से डिस्पोजल प्लास्टिक को बैन कर दिया गया है। इसमें अब सभी प्रकार के निस्तारण योग्य प्लास्टिक कैरीबैग पर भी बैन लगा दिया गया है। वहीं इसके इस्तेमाल या बिक्री पर सरकार ने कार्रवाई करने के लिए विभागों को भी आदेश दे दिए हैं।
2 अक्टूबर से इन पर लगा बैन-
मंगलवार से सभी तरह की पॉलीथिन कैरीबैग पर रोक लगा दी गई है, जिसमें केवल पैकेजिंग मैटेरियल को शामिल नहीं किया गया है। सीएम योगी ने पॉलीथिन और प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा के तीसरे चरण में प्रदेश में सभी तरह की पॉलीथिन के प्रयोग, परिवहन, आयात, वितरण, भंडारण, निर्माण, बिक्री पर निर्यात प्रतिबंधित कर दिया है।
15 जुलाई से हुई थी इसकी शुरुवात-
इस मुहिम की शुरुवात 15 जुलाई को हुई थी, जिसमें पहले चरण में 50 माइक्रोन से पतली पॉलीथिन कैरीबैग पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया था। वहीं प्रदेश में सीएम योगी के आदेशानुसार 15 अगस्त को अगले चरण में थर्मोकोल व प्लास्टिक के कप, प्लेट, ग्लास व चम्मच पर प्रतिबंध लगा गया। नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को इस संबंध में आदेश भेजकर अभियान चलाने के निर्देश भी दिए थे। वहीं निगरानी के लिए जिला स्तरीय समिति भी बनाई गई।
आपको बता दें कि यूपी में प्लास्टिक एवं उससे बनी सामग्रियों के प्रयोग पर बैने के लिए साल 2000 में 'उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा कचरा (उपयोग और निस्तारण का विनियमन)' अधिनियम लागू किया गया था। लेकिन धरातल पर इसे नहीं लाया जा सका।