
UP Politics: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार 5 मार्च को अपनी कैबिनेट का विस्तार कर लिया। इस विस्तार में 4 विधायकों को शपथ दिलाई गई और मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया। सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और बीजेपी के एमएलसी (MCL) दारा सिंह चौहान का मंत्री बनना पहले से ही तय था। राजभर और दारा के अलावा आरएलडी के अनिल कुमार और बीजेपी के साहिबाबाद से विधायक सुनील शर्मा का नाम चौकाने वाला रहा। आरएलडी के योगी मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा तो थी लेकिन अनिल की जगह दो अन्य विधायकों का नाम चल रहा था। सुनील शर्मा का नाम तो मंगलवार की सुबह तक मंत्री बनने की चर्चा में नहीं था।
RLD विधायक अनिल कुमार पिछले 2022 विधानसभा चुनाव से पहले तक समाजवादी पार्टी में थे। उन्हें RLD के टिकट पर चुनावी मैदान में उतारा गया था। सपा का नेता होने के कारण ही राज्यसभा चुनाव से पहले उनके क्रास वोटिंग की चर्चा भी हो रही थी। RLD के पुराने और कद्दावर नेताओं को छोड़कर अनिल को मंत्री बनाने के पीछे राज्यसभा चुनाव में बीजेपी का साथ देने का इनाम माना जा रहा है। विधायक अनिल कुमार मूल रूप से सहारनपुर जिले के तहारपुर गांव के रहने वाले हैं।
मुजफ्फरनगर जिले की अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित विधानसभा सीट पुरकाजी से अनिल कुमार RLD के टिकट पर 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में विधायक बने थे। वह तब समाजवादी पार्टी में थे। लेकिन RLD के सिंबल पर चुनाव लड़ा था। इससे पहले 2017 के चुनाव में अमित कुमार को हार का सामना करना पड़ा था। 2012 के विधानसभा चुनाव में पुरकाजी सीट से ही अनिल कुमार बसपा के टिकट पर विधायक बने थे। RLD ने दलित मतदाताओं को साधने के लिए सुरक्षित सीट से विधायक अनिल कुमार का नाम मंत्री बनने के लिए आगे किया है।