
मोहम्मद इरफान से मिले राहुल गांधी (फोटो- rahulgandhi/Instagram)
Rahul Gandhi Meets Mohammad Irfan: NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा चेहरा उभर कर सामने आया जिसकी चर्चा अब सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच खूब हो रही है। इस शख्स का नाम मोहम्मद इरफान है। खास बात यह है कि इरफान न तो किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं और न ही किसी छात्र संगठन के नेता हैं। इसके बावजूद उन्होंने जिस बेबाकी से गरीब तबके और मजदूरों के मुद्दे उठाए उसने सबको उनका मुरीद बना दिया। उनके विचारों से प्रभावित होकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी उनसे मिलने पहुंचे।
मोहम्मद इरफान 35 साल के हैं और दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में अपने परिवार के साथ एक झुग्गी में रहते हैं। वह पेशे से एक आम दिहाड़ी मजदूर और फेरीवाले हैं। अपना और परिवार का पेट पालने के लिए इरफान अपने पिता के साथ मिलकर बर्फ बेचने का काम भी करते हैं। इसी से उनकी रोजी रोटी चलती है।
इरफान कभी स्कूल नहीं गए लेकिन उन्होंने गूगल वाइस सर्च और यूट्यूब को ही अपना स्कूल बना लिया। इसी डिजिटल दुनिया के सहारे उन्होंने भारत के संविधान की प्रस्तावना, मजदूरों के कानूनी अधिकार और गोपालदास नीरज व अहमद फराज जैसे महान कवियों की रचनाएं कंठस्थ कर ली। जंतर-मंतर पर जब उन्होंने हाथ में संविधान लेकर हम भारत के लोग का पाठ किया तो हर कोई हैरान रह गया। वह पिछले 15 सालों से विभिन्न सामाजिक आंदोलनों में अपनी आवाज उठाते रहे हैं।
सोमवार को राहुल गांधी इरफान की झुग्गी में पहुंचे और उनसे विस्तार से बातचीत की। इरफान भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिल्ली से कश्मीर तक राहुल गांधी के साथ पैदल भी चल चुके हैं। इरफान ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से एक वादा मांगा है कि सत्ता में आने पर वह इस देश के मजदूरों और श्रमिकों को उनका वाजिब हक जरूर देंगे। वहीं कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इरफान की तारीफ करते हुए लिखा कि इरफान में हर उस नौजवान की झलक है जो इस सरकार से निराश हो चुका है। कांग्रेस ने वादा किया कि वह ऐसा हिंदुस्तान बनाएगी जहां अवसर और समानता की कोई कमी नहीं होगी।
Updated on:
28 Jul 2026 09:42 pm
Published on:
28 Jul 2026 09:42 pm
