
पूर्व मंत्री को श्रद्धांजलि देते बृजभूषण सिंह फोटो सोर्स फेसबुक अकाउंट बृजभूषण सिंह
Balrampur News: उत्तर प्रदेश की राजनीति, समाजसेवा और न्यायिक जगत में अपनी अलग पहचान रखने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री हनुमंत सिंह को मंगलवार को बलरामपुर में हजारों लोगों ने अंतिम विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों, भाजपा नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी माने जाने वाले हनुमंत सिंह के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
बलरामपुर ने मंगलवार को अपने एक ऐसे जननेता को अंतिम विदाई दी, जिसने दशकों तक राजनीति, समाजसेवा और न्याय के क्षेत्र में लोगों का विश्वास जीता। पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता हनुमंत सिंह की अंतिम यात्रा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा शहर श्रद्धा और भावनाओं में डूबा नजर आया। उनके आवास पर सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अंतिम दर्शन के दौरान कई लोगों की आंखें नम दिखाई दीं। उपस्थित लोगों ने उन्हें जनसेवा और सादगी की मिसाल बताते हुए भावभीनी विदाई दी।
श्रद्धांजलि देने वालों में कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि कुमार मिश्रा, गोंडा जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, बलरामपुर सदर विधायक पलटू राम और उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि शामिल रहे। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप सिंह, अनूप चंद्र गुप्ता और अजय सिंह ‘पिंकू’ सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।
भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस ने कहा कि हनुमंत सिंह का पूरा जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और संगठन के प्रति निष्ठा से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। हनुमंत सिंह का राजनीतिक सफर भी बेहद प्रभावशाली रहा। वह दो बार बलरामपुर से विधायक चुने गए। कल्याण सिंह सरकार में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री के रूप में किसानों और उद्योग के हित में कई महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े रहे।
राजनीतिक गलियारों में उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का करीबी सहयोगी माना जाता था। यही कारण रहा कि उनके निधन की खबर ने न केवल बलरामपुर बल्कि पूरे प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को शोकाकुल कर दिया। अंतिम यात्रा के समापन पर उपस्थित लोगों ने उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि हनुमंत सिंह भले ही इस दुनिया में नहीं रहे। लेकिन उनके विचार, संघर्ष और जनसेवा की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
Updated on:
28 Jul 2026 08:10 pm
Published on:
28 Jul 2026 08:10 pm
