CM Yogi Says Transparent Recruitment System: लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में युवाओं को बिना सिफारिश और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए सरकारी नौकरी मिल रही है।
Yogi Government Appointment Letter: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को संबोधित करते हुए प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में आए बदलावों को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियां पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ दी जा रही हैं। अब युवाओं को नौकरी पाने के लिए न सिफारिश की जरूरत है और न ही किसी प्रकार के अनैतिक माध्यम अपनाने पड़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साफ नीयत, पारदर्शी नीति और तकनीक के सही उपयोग के कारण आज योग्य युवाओं को समयबद्ध तरीके से नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश में भर्तियों को लेकर अविश्वास का माहौल था, लेकिन अब प्रदेश की पहचान बदल रही है और युवाओं में भरोसा बढ़ा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों ने पूरी भर्ती प्रक्रिया में यह महसूस किया होगा कि उन्हें कहीं भी सिफारिश कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने कहा,“जैसे ही विज्ञापन निकला होगा, आपने आवेदन किया होगा और परीक्षा परिणाम आने तक किसी भी स्तर पर किसी तरह की सिफारिश या अनैतिक कार्य की कोई गुंजाइश नहीं थी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा साफ हो और नीति पारदर्शी हो तो सकारात्मक परिणाम सामने आने में देर नहीं लगती। उन्होंने कहा कि आज उसी का परिणाम है कि हजारों युवाओं को निष्पक्ष तरीके से नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता की कमी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पैसा, जाति, क्षेत्र और मत-मजहब के आधार पर भर्तियां होती थीं। उन्होंने कहा कि “निष्पक्ष भर्ती नहीं होती थी। पैसा लेकर भर्ती की जाती थी। जाति देखकर, मत और मजहब देखकर, क्षेत्र देखकर भर्तियां होती थीं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी व्यवस्था का सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ता था। योग्य अभ्यर्थी निराश और हताश हो जाते थे और प्रदेश से पलायन करने को मजबूर होते थे।
सीएम योगी ने कहा कि भ्रष्ट और अपारदर्शी व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश की पहचान प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता और निराशा का वातावरण बन गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि “उत्तर प्रदेश बीमारू राज्यों की श्रेणी में आ गया था। युवाओं में हताशा और निराशा थी। प्रदेश पहचान के संकट से गुजर रहा था।” उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले कानून व्यवस्था, पारदर्शिता और सुशासन पर काम किया गया ताकि युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने आयोगों और भर्ती बोर्डों को जवाबदेही के साथ तकनीक का उपयोग करने के लिए बाध्य किया। इसी का परिणाम है कि आज भर्ती प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और तेज हुई हैं।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल सत्यापन और तकनीकी निगरानी के कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं काफी कम हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी योग्य युवा के साथ अन्याय न हो।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि उनकी सरकार अब तक विभिन्न विभागों में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर दी गई हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार देकर प्रदेश के विकास को गति देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब योग्य और प्रतिभाशाली युवा किसी व्यवस्था का हिस्सा बनते हैं तो उस व्यवस्था में नई ऊर्जा आती है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति उसकी कार्य गति पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा,“गति जितनी अच्छी होगी, प्रगति उतनी ही तीव्र दिखाई देगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सरकारी व्यवस्था में योग्य लोग आएंगे तो कामकाज की गुणवत्ता बेहतर होगी और जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की।
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी मौजूद रहे। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद युवाओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के कारण उन्हें विश्वास हुआ कि मेहनत और योग्यता के दम पर सरकारी नौकरी हासिल की जा सकती है। युवाओं ने सरकार की डिजिटल और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की सराहना भी की।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में रोजगार और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सरकार लगातार सक्रिय दिखाई दे रही है। विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की गई है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार अवसर उपलब्ध कराए जाएं और भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो।