आगामी विधानसभा चुनाव के जरिए गठबंधन की शुरूआत होती दिख रही है।
लखनऊ. 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी व समाजवादी पार्टी दूसरे प्रदेशों में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने में जुट गई हैं। और आगामी विधानसभा चुनाव के जरिए इसकी शुरूआत होती दिख रही है। फिलहाल मध्यप्रदेश में होने वाले चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के अलावा अन्य संगठन इस जंग में कूदते हुए दिख रहे हैं और इनमें बसपा-सपा भी शामिल हैं। वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और सांसद कमलनाथ ने इस बात को और हवा दे दी है। उन्होंने दावा किया है कि बसपा-सपा के साथ गठबंधन के लिए उनकी बातचीत अभी भी जारी है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में बताया है कि भाजपा के खिलाफ पड़ने वाला वोट न बंटे, इसके लिए बसपा व सपा दोनों से कांग्रेस की बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी से मुकाबला करने के लिए तैयार है। हमारा मुकाबला शिवराज सिंह (एमपी मुख्यमंत्री) की छवि से नहीं है। हमारा मुका़ाबला भाजपा कैंडिडेट से नहीं है, बल्कि उनके संगठन से है। ऐसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हर वर्ग बुरी तरह परेशान है। सब निराश हैं।
बसपा ने कहा- अकेले दम पर लड़ेंगे चुनाव-
आपको बता दें कि मायावती की बसपा ने कर्नाटक में हुए चुनाव में एक सीट पर जीत दर्ज की थी। वहीं हाल में बसपा की तरफ से दिए गए एक बयान में कहा गया था कि वो मध्यप्रदेश चुनाव के लिए किसी से भी गठबंधन नहीं करेगी। सभी 230 विधानसभा सीटों पर वो अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन कमलनाथ के बयान से मालूम पड़ रहा है कि पर्दे के पीछे कुछ और ही बात चल रही है।
मायावती ने कांग्रेस पर कई दफा साधा निशाना-
वैसे बीतें कुुुछ माह में कई मौकों पर मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा के साथ कांग्रेस पर बीते कई वर्षों में देश को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। जिससे प्रतीत होता है कि मायावती कांग्रेस के साथ विधानसभा चुनाव क्या लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन नहीं करेंगी। लेकिन वहीं सीटों के बंटवारे मसले पर यदि उनकी बात मानी जाती तो उनकी राय बदल सकती है। इसी के साथ सभी विपक्षी पार्टियों का पहला मकसद भाजपा को सत्ता से बाहर करना वैसे ही मायावती भी इसको देखते हुए कांग्रेस से हाथ मिला सकती है।
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