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मायावती ने बसपा नेताओं से कहा- चुनाव से पहले नहीं लगना चाहिए कोई दाग

मायावती ने बसपा नेताओं से कहा- चुनाव से पहले नहीं लगना चाहिए कोई दाग

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मायावती ने बसपा नेताओं से कहा- चुनाव से पहले नहीं लगना चाहिए कोई दाग

भोपालः कहते हैं, माया जिससे प्रसन्न हो जाए तो उसका बेड़ा पार और जिससे क्रोधित हो जाए उसका बेड़ा ग़र्क हो जाता है। इस बार माया नाखुश हैं अपनी ही पार्टी के आला नेता से। हम बात कर रहे हैं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से मध्य प्रदेश का नेतृत्व करने वाले नर्मदा प्रसाद की, जिनपर उनकी ही पार्टी की महिला कार्यकर्ता द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगा। इस बात से नाराज़ बसपा सुप्रीमो ने नर्मदा प्रसाद को तो प्रदेश अध्यक्ष से हटाया ही, साथ ही पार्टी के सभी नेताओं को इस बात को सख्ती से समझा दिया कि, आगामी विधानसभा चुनावों तक पार्टी के किसी भी नेता के कॉलर पर किसी भी तरह का दाग़ लगा तो, उसका अंजाम भी वही होगा जो प्रसाद का हुआ है। इस बात की मान्यता नहीं होगी कि, जांच में साबित होने के बाद फैसला होगा। जांच चलती रहेगी और नेता को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि, इस बात की भी कोई मान्यता नही है वह नेता पार्टी के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

तत्परता का कारण "चुनावी"

मध्य प्रदेश में चुनावी साल है और बसपा ने इस बार पहले से ही प्रदेश में पूरे दमखम के साथ चुनावी मेदान में खड़े होने की तैयारी कर रखी है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष पर लगे संगीन आरोपों के बाद पार्टी की छवि को नुकसान होना लाज़मी है। फिलहाल, पार्टी द्वारा उनकी जांच तो चल रही है, लेकिन पार्टी सुप्रीमों द्वारा इस फैसले को इतनी जल्दी लेने का कारण यह पता लगा कि, इससे पार्टी के चुनावी समीकरण बिगड़ सकते थे, इसलिए पार्टी द्वारा यह फैसला लिया गया। साथ ही, बसपा ने कड़े शब्दों में यह भी साफ कर दिया, कि पार्टी के सभी नेता नर्मदा प्रसाद से तब तक दूरी बनाए रखें जब तक उन्हें ज़मानत ना मिल जाए।

कार्यकारिणी बैठक में हुआ फैसला

नर्मदा प्रसाद को पार्टी से हटाए जाने का फैसला बसपा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में लिया गया, जहां प्रदेश प्रभारी रामअचल राजभर ने नेताओं से कहा कि, आलाकमान द्वारा यह बात सामने आई है कि, जब तक नर्मदा प्रसाद पर चलने वाली कार्रवाई पूरी ना हो जाए, साथ ही उन्हें मामले को लेकर ज़मानत ना मिल जाए तब तक सभी नेता उनसे दूरी बनाए रखें। यह पार्टी और नेताओं की छवि के लिए ज़रूरी है। बैठक के दौरान राजभर ने प्रदेश की भाजपा सरकार और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया।

यह था मामला

बता दें कि, मध्य प्रदेश के बहुजन समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार के खिलाफ बसपा की ही एक महिला कार्यकर्ता ने छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का कैस दर्ज कराया है। महिला कार्यकर्ता द्वारा राजधानी के टीटी नगर थाने में यह शिकायत दर्ज कराई गई कि, 5 मई को 74, बंगले में पार्टी मीटिंग के बाद नर्मदा प्रसाद ने महिला कार्यकर्ता से रात भर उनके साथ रुकने को कहा। उनकी बात ना मानने पर जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं, नर्मदा के एक समर्थक महेश कुशवाहा महिला को अश्लील फोटो और वीडियो भेजकर प्रताड़ित करते थे। हालांकि, थाने में शिकायत के बाद नर्मदा प्रसाद के खिलाफ धारा 354, 506 और साइबर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, तीन अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज हुआ है।