
हाल के विधानसभा चुनाव में हार के बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का अध्यक्ष पद अभी तक खाली है। पार्टी कई विकल्पों पर विचार कर रही है लेकिन सबसे ज्यादा ब्राह्मण या दलित चेहरे पर जोर दिया जा रहा है। यूपी विधानसभा चुनाव में 403 सीटों में से कांग्रेस सिर्फ दो सीटें ही जीत पाई। पार्टी के पास विकल्प भी कम ही मौजूद है। ब्राह्मण चेहरे की ओर से प्रमोद तिवारी जबकि दलित चेहरे के लिए पीएल पुनिया का नाम सबसे आगे है। प्रमोद तिवारी की बेटी अराधना मिश्रा विधायक दल की नेता हैं। लोकसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखते हुए अध्यक्ष पद के लिए चयन होगा। इसका फैसला आने वाले कुछ दिनों में हो सकता है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद की कुर्सी खाली
अजय कुमार लल्लू के इस्तीफे के बाद से उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कुर्सी अभी तक खाली है। अब खबर है कि पार्टी यूपी में एक से ज्यादा नेताओं को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप सकती है। पार्टी कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति करेगी जिसमें से एक चेहरा अल्पसंख्यक समुदाय से होगा।
पार्टी संगठन सचिव अनिल यादव ने कहा, 'कांग्रेस के संविधान में यूपीसीसी प्रमुख की अनुपस्थिति में दिन-प्रतिदिन के काम की देखभाल करने वाले एक वरिष्ठ महासचिव के लिए प्रावधान किया गया है। वरिष्ठ महासचिव दिनेश सिंह यूपीसीसी के कामकाज को सुनिश्चित ढंग से संभाल रहे हैं।'