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Virendra Singh MP: कौन हैं सपा सांसद वीरेंद्र सिंह? संसद सत्र के बीच पीएम मोदी से की मुलाकात, जानिए क्या हुई बात

Indian Section Theosophical Society: सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपकर वाराणसी स्थित थियोसोफिकल सोसाइटी की संपत्तियों की स्वतंत्र जांच, विशेष ऑडिट और सत्यापन की मांग की।
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लखनऊ

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Dimple Yadav

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Updated: 30 Jul 2026, 3:17 PM IST

Virendra Singh MP PM Modi Theosophical Society

PM मोदी से मिले सपा सांसद (photo- x@apkavirendra)

Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में वाराणसी स्थित इंडियन सेक्शन ऑफ द थियोसोफिकल सोसाइटी की संपत्तियों के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने, विशेष ऑडिट कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

पीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग

सांसद वीरेंद्र सिंह ने ज्ञापन में कहा कि वर्ष 1903 में डॉ. एनी बेसेंट द्वारा स्थापित इस संस्था को शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के उद्देश्य से देशभर में बड़ी संख्या में भूमि और संपत्तियां दान में मिली थीं। उनका आरोप है कि इन संपत्तियों का उपयोग मूल उद्देश्य के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ऐसे में पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

वाराणसी की जमीन पर होटल बनाने का आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वाराणसी के कमच्छा स्थित संस्था की शैक्षणिक भूमि को करीब 29 वर्ष 11 माह की लीज पर एक निजी समूह को होटल निर्माण के लिए दिया गया है। सांसद का कहना है कि यदि यह सही है तो यह संस्था के मूल उद्देश्यों के विपरीत है और इसकी जांच जरूरी है।

बिहार की संपत्ति को लेकर भी उठाए सवाल

सपा सांसद ने बिहार के छपरा स्थित थियोसोफिकल लॉज की करीब 41,700 वर्गफुट जमीन का भी जिक्र किया है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की इस जमीन को भी लंबे समय के लिए व्यावसायिक उपयोग के उद्देश्य से लीज पर दिए जाने के आरोप हैं।

पारदर्शिता पर भी सवाल

वीरेंद्र सिंह ने कहा कि संस्था की चल और अचल संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दान में मिली संपत्तियों को आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना लीज पर देने और व्यावसायिक उपयोग में लाने के आरोप सामने आए हैं। इसके अलावा संस्था की सदस्यता, चुनाव प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन और निर्णय लेने की प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए हैं।

विशेष ऑडिट और संपत्तियों के सत्यापन की मांग

ज्ञापन में प्रधानमंत्री से मांग की गई है कि देशभर में संस्था की सभी संपत्तियों का सत्यापन कराया जाए, आय-व्यय और संपत्ति प्रबंधन का विशेष ऑडिट कराया जाए तथा जांच पूरी होने तक विवादित संपत्तियों पर किसी भी प्रकार के निर्माण या व्यावसायिक गतिविधि पर रोक लगाने पर विचार किया जाए।

दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग

सपा सांसद ने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

कौन हैं वीरेंद्र सिंह?

वीरेंद्र सिंह समाजवादी पार्टी के सांसद हैं और चंदौली लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेन्द्रनाथ पांडेय को लगभग 23 हजार वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी।