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‘पिपू से अखिलेश बने, लेकिन महापुरुषों का सम्मान नहीं पचा पाए!’ बीजेपी का सपा मुखिया पर तंज

Akhilesh Yadav: बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव ने खुद बचपन में अपना नाम बदला था। उनका नाम पिपू था और उन्होंने खुद इसे बदलकर अखिलेश कर लिया था। उन्होंने ही अपना नाम बदला था।
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Akhilesh Yadav

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव

Rakesh Tripathi On Akhilesh Yadav: भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर करने के फैसले पर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव महापुरुषों का सम्मान ही नहीं कर पा रहे हैं।

'मायावती ने नाम रखे, अखिलेश ने बदले'

राकेश त्रिपाठी ने कहा कि मायावती के समय में दलित और पिछड़ी जाति के महापुरुषों के नाम पर कई जिलों और संस्थानों के नाम रखे गए थे। लेकिन अखिलेश यादव को इन नामों से इतनी परेशानी क्यों है, यह समझ नहीं आता। जैसे ही वे सत्ता में आए, उन्होंने दलित और पिछड़े महापुरुषों के नाम वाले जगहों के नाम बदल दिए।

योगी सरकार सुधार रही अखिलेश की गलतियां

राकेश त्रिपाठी ने आगे कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार अब संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर कर रही है। ऐसे महापुरुषों के नाम पर जगहों का नाम रखने से लोगों को प्रेरणा मिलती है। लेकिन अखिलेश यादव को इस बात से जरूर दिक्कत होगी।

अखिलेश यादव ने बचपन में अपना नाम भी बदला था

भाजपा प्रवक्ता ने अखिलेश यादव पर और भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद बचपन में पिपू नाम से पुकारे जाते थे। बाद में उन्होंने अपना नाम बदलकर अखिलेश रख लिया। खुद का नाम बदलने वाले अखिलेश यादव ने सत्ता में रहते हुए कई योजनाओं और जगहों के नाम बदल दिए। दलित और पिछड़े महापुरुषों से जुड़े नामों को भी उन्होंने नहीं बख्शा।

संत रविदास जी की प्रेरणा से डरी सपा!

राकेश त्रिपाठी ने कहा कि योगी सरकार अखिलेश के समय की गलतियों को सुधार रही है। संत रविदास जैसे महापुरुषों का सम्मान करना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। ऐसे नाम रखने से नई पीढ़ी को सही दिशा मिलेगी। उन्होंने याद दिलाया कि मायावती सरकार ने संत रविदास के नाम पर जिले का नाम रखा था, लेकिन सपा ने उसे फिर से भदोही कर दिया। अब भाजपा सरकार पुरानी गलती सुधार रही है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीएम योगी ने वाराणसी में संत रविदास की जन्मस्थली पर समरसता संकल्प अभियान शुरू करते हुए भदोही का नाम बदलने का ऐलान किया। भाजपा इसे सही कदम बता रही है, जबकि सपा इसे सियासी हथकंडा करार दे सकती है।

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