
अखिलेश यादव और संदीप सिंह
UP Basic Education Minister Sandeep Singh: उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़े पैमाने पर प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए हैं, जिससे गरीब, दलित और पिछड़े परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अखिलेश का यह बयान आते ही बुधवार को बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने साफ-साफ जवाब दे दिया। मंत्री ने कहा कि यूपी में एक भी परिषदीय स्कूल बंद नहीं किया गया है। जितने सरकारी प्राइमरी स्कूल थे, वे सब चल रहे हैं।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने एक बयान में बताया कि कम बच्चों वाले कुछ स्कूलों को पास के स्कूलों में मिला दिया गया है। जो स्कूल खाली हो गए, वहां अब प्री-प्राइमरी क्लासेस चलाई जा रही हैं। योगी सरकार ने यूपी में पहली बार प्री-प्राइमरी शिक्षा शुरू की है।
मंत्री ने आगे कहा कि अखिलेश यादव को शिक्षा के मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने सपा पर पुराने आरोप दोहराते हुए कहा कि अखिलेश की सरकार में नकल माफियाओं को संरक्षण मिलता था। संदीप सिंह ने याद दिलाया कि कल्याण सिंह के समय नकल रोकने के लिए अध्यादेश लाया गया था, लेकिन मुलायम सिंह यादव की सरकार बनते ही उसे आधे घंटे में खत्म कर दिया गया था।
संदीप सिंह ने साल 2014 के आसपास हुई पेपर लीक और सॉल्वर गैंग की घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सपा को 2027 के चुनाव में अपनी हार दिख रही है, इसलिए वे लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। योगी सरकार गरीब बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
आपको बता दें कि मंगलवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र और योगी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लापरवाही और भेदभाव का आरोप लगाया था। अखिलेश ने कहा था कि पूरे देश में प्राइमरी स्कूल बंद हो रहे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 22 हजार प्राइमरी स्कूल बंद हो चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में ही 500 प्राइमरी स्कूलों पर ताले लग गए हैं।
Updated on:
29 Jul 2026 03:08 pm
Published on:
29 Jul 2026 03:08 pm
