
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी। PC: ANI
Paper Leak Strict Law: मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि हाल ही में देश की युवा पीढ़ी, खासकर 'जेन-जी' ने जो मांगें उठाई थीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि इसी गंभीरता का नतीजा है कि सरकार एक कड़ा कानून लेकर आई, जिससे युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि जो लोग देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करते हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री साफ नीयत और स्पष्ट नीतियों के साथ इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं, ताकि युवाओं के सपनों और मेहनत के साथ कोई अन्याय न हो सके।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकाल में सबसे अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं।
बुधवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा वह पहले भी सदन में उठा चुके हैं। उन्होंने कहा, "आज की सरकार इसकी पूरी तरह जिम्मेदार है। जनता जानती है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा पेपर लीक हुए हैं।"
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। उनके मुताबिक, सरकार की नाकामी की वजह से ही दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र और युवा इकट्ठा हुए।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने पुराने कानून में संशोधन किया है, लेकिन यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि पुराने कानून के तहत कितने लोगों पर कार्रवाई हुई। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 20 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं, इसलिए सरकार बताए कि अब तक कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और कितनों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यदि सरकार से जुड़े लोग ही ऐसे मामलों में शामिल होंगे तो कानून से क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार संसद में स्पष्ट रूप से कह देती कि प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं होगा और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो विवाद की स्थिति नहीं बनती।
Updated on:
29 Jul 2026 02:38 pm
Published on:
29 Jul 2026 01:50 pm
