Crime News : लखनऊ की एक विधवा महिला ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, गर्भपात, नाबालिग बेटी पर बुरी नजर और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपी युवक के खिलाफ माल थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Crime in Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक विधवा महिला ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, आर्थिक शोषण, बेटी पर बुरी नज़र और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने माल थाने में दी गई तहरीर में अपने साथ हुए दो वर्षों के शोषण की पूरी कहानी बयान की है।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी युवक से उसकी पहचान वॉट्सऐप के माध्यम से हुई थी, जिसके बाद वह पीड़िता के घर तक पहुंच गया और विश्वास जीतकर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण करता रहा। यह मामला न सिर्फ महिला की गरिमा से खिलवाड़ का है, बल्कि उसकी नाबालिग बेटी की सुरक्षा पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
लखनऊ के एलडीए कॉलोनी, सेक्टर I, 368 कानपुर रोड की निवासी महिला, जिनके पति नीरज कुमार अरोड़ा की मृत्यु वर्ष 2018 में हो चुकी है, एक सोलह वर्षीय बेटी की मां हैं और जीवनयापन के लिए ठेला लगाती हैं। महिला के अनुसार लगभग दो वर्ष पूर्व राजन विश्वकर्मा पुत्र हरिशंकर, जो माल थाना क्षेत्र का निवासी है, से वॉट्सऐप के ज़रिए संपर्क हुआ। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने शादी का झांसा देकर महिला का विश्वास जीता।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने पिछले दो वर्षों में शादी का झांसा देकर बार-बार दुष्कर्म किया। इस बीच वह गर्भवती हो गई, लेकिन आरोपी ने गर्भपात करवाने के लिए दबाव बनाया और जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।
इतना ही नहीं, आरोपी ने महिला के लोन की रकम भी हड़प ली और उसकी स्कूटी जबरन छीन ली, जो महिला ने बाद में मुश्किल से वापस पाई।
महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उसने आरोपी के व्यवहार का विरोध किया और उसे बेटी से दूर रहने को कहा, तो आरोपी ने उसकी बेटी पर बुरी नजर रखने की कोशिश की। जब महिला ने सख्ती से विरोध किया तो राजन ने उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की और घर पर कब्जा करने की धमकी भी दी।
माल थाना प्रभारी ने बताया कि महिला की तहरीर मिल गई है और मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है।
यह सिर्फ एक महिला की लड़ाई नहीं, समाज के लिए आईना है
यह घटना न सिर्फ एक महिला के साथ हुए अत्याचार की कहानी है, बल्कि यह दिखाता है कि किस तरह डिजिटल माध्यमों के ज़रिए अपराधी महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। समाज में महिला सुरक्षा को लेकर जो खाई है, यह मामला उसी की गंभीरता को उजागर करता है।
सवाल उठता है – क्या हम सच में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित समाज बना पाए हैं?
अब देखना यह है कि क्या महिला को इंसाफ मिलेगा या फिर यह मामला भी सिर्फ एक एफआईआर तक सीमित रह जाएगा। पीड़िता की आवाज़ उठाना साहसिक है, और अब समाज और कानून की ज़िम्मेदारी बनती है कि उसे पूरा न्याय मिले।