
UP Weather Emergency Alert: अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Mountha) का असर अब उत्तर भारत में भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दो दिनों-30 और 31 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गरजने की संभावना है। विशेष रूप से पूर्वांचल के जिलों में मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि वाराणसी और मिर्जापुर मंडल में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवाती तूफान मोंथा बंगाल की खाड़ी से होते हुए ओडिशा और झारखंड की ओर बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव अब पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे के भीतर पूर्वांचल के वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, बलिया, देवरिया और गोरखपुर जिलों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। लखनऊ स्थित मौसम केंद्र के निदेशक ने बताया कि तूफान मोंथा के कारण पूर्वी हवाओं का दबाव बढ़ गया है, जिससे नमीयुक्त वायु प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी इलाकों में सक्रिय हो गई है। इससे 30 और 31 अक्टूबर को वाराणसी-मिर्जापुर मंडल में भारी बारिश की पूरी संभावना है।”
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के लगभग 31 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएँ चलेंगी, जिनकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इन हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। इन जिलों में खासतौर पर किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोग पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में रुकने से बचें। बिजली गिरने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएँ। -मौसम विभाग, लखनऊ केंद्र
मोंथा तूफान का असर केवल तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तर प्रदेश के जिन जिलों में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा, इसमें शामिल हैं ,वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, मऊ, देवरिया, गोरखपुर, आजमगढ़, बस्ती, संतकबीरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़, इलाहाबाद (प्रयागराज), चंदौली, अंबेडकरनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, फैजाबाद (अयोध्या), सीतापुर, लखीमपुर खीरी, और बाराबंकी। इनमें से वाराणसी और मिर्जापुर मंडल को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र माना गया है।
मोंथा तूफान के असर से दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी। लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद और वाराणसी में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे जा सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 18–20 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। इससे लोगों को दिन में हल्की ठंडक का अहसास होगा। मौसम विभाग का कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह तक यह ठंडक बनी रह सकती है।
भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण किसानों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। कृषि विभाग ने भी किसानों को एडवाइजरी जारी की है -
लखनऊ, वाराणसी, मिर्जापुर, गोरखपुर और आसपास के जिलों में बारिश के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। नगर निगम और जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के दौरान जलभराव, बिजली कटौती और पेड़ गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। प्रशासन ने 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है और लोगों से अपील की है कि बिना जरूरी कारण घर से बाहर न निकलें, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित रखें।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (SDMA) ने जनता से अपील की है कि वे मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। अगर तेज हवा या बारिश के दौरान कोई खतरा महसूस हो तो तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
हेल्पलाइन नंबर: 1070 (राज्य स्तर) / 1077 (जिला स्तर)