Ashutosh Maharaj VS Brajesh Pathak : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले आशुतोष महाराज ने अब यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। माघ मेले में षड्यंत्र और कॉल डिटेल का दावा करते हुए महाराज ने FIR की चेतावनी दी है।
लखनऊ : डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन करते हैं। उन्होंने माघ मेले में पूरा षड्यंत्र किया है। डिप्टी सीएम ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से कहा था कि जब तक मैं न आऊं…पानी न पिलाऊं, तब तक धरना खत्म नहीं करना। मेरे पास सारे सबूत हैं। कॉल डिटेल है। मैं उन पर FIR करवाउंगा। यह शब्द शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन उत्पीड़न का केस करने वाले आशुतोष महाराज ने कही।
शंकराचार्य पर यौन शोषण की FIR कराने वाले आशुतोष महाराज बुधवार को लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पहुंचे। उन्होंने कहा- डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पहले ब्राह्मणों को बेचने का काम किया। अब संतों के पीछे पड़े हुए हैं।
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आशुतोष महाराज ने आगे बताया कि पहले थाना प्रभारी ने केस दर्ज करने से मना कर दिया। उसके बाद हम DSP के पास गए। DSP ने आश्वासन दिया है कि अगर मामले में सच्चाई होगी तो जांच की जाएगी। आशुतोष महाराज का कहना है कि मेरे पास सबूत हैं। डिप्टी सीएम की कॉल डिटेल की जांच होनी चाहिए।
पहले भी बिना नाम लिए डिप्टी सीएम को टारगेट कर चुके हैं आशुतोष महाराज।दो महीने पहले प्रयागराज माघ मेले में उन्होंने बिना नाम लिए ब्रजेश पाठक पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था, 'माघ मेला साजिश में यूपी के डिप्टी सीएम शामिल हैं। डिप्टी सीएम ने कहा था कि अभी धरना दो, जब हम आएंगे तब खत्म करना।'
18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य की पुलिस ने चोटी पकड़कर घसीटा और पिटाई की थी। इस घटना पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक लगभग एक महीने तक पूरी तरह चुप रहे। फिर 16 फरवरी को एक मीडिया कार्यक्रम में उन्होंने इस मामले पर कहा, 'चोटी नहीं खींचनी चाहिए थी। जो भी दोषी है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चोटी खींचना महाअपराध है। देखिएगा, महापाप लगेगा।'