Student Protest Social Media Issue: लखनऊ में दिव्यांग छात्रों ने फर्जी वीडियो विवाद को लेकर प्रदर्शन किया, मोहान रोड चौकी पर हंगामा कर आरोपित लड़कियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई।
Student Protest Viral Video Controversy: राजधानी लखनऊ में दिव्यांग छात्रों का गुस्सा उस समय सड़कों पर उतर आया जब एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर विवाद गहरा गया। शकुंतला यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पारा थाना क्षेत्र स्थित मोहान रोड चौकी पर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपित लड़कियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, कुछ युवतियों पर आरोप है कि उन्होंने दिव्यांगता का मजाक उड़ाते हुए फर्जी तरीके से वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जैसे ही यह वीडियो छात्रों के संज्ञान में आया, आक्रोश फैल गया। दिव्यांग छात्रों का कहना है कि इस तरह की हरकत न केवल उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, बल्कि समाज में उनके प्रति गलत संदेश भी देती है।
घटना के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र मोहान रोड चौकी पर एकत्र हो गए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर अपना विरोध जताया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। छात्रों ने मांग की कि आरोपित युवतियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का कृत्य करने की हिम्मत न कर सके।
प्रदर्शन के दौरान यह भी दावा किया गया कि वीडियो बनाने वाली युवतियां राजस्थान के जयपुर, जिसे “पिंक सिटी” कहा जाता है, की रहने वाली हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वीडियो की सत्यता तथा आरोपितों की पहचान सुनिश्चित करने में जुटी हुई है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि दिव्यांगता कोई मजाक का विषय नहीं है। यह एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसे समझने और सम्मान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के वीडियो समाज में भेदभाव को बढ़ावा देते हैं और दिव्यांग व्यक्तियों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाते हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की कि लोग कानून अपने हाथ में न लें और शांति बनाए रखें।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो की तकनीकी जांच कराई जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि वीडियो कब और कहां बनाया गया, और इसे किसने सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।