UP STF News Today In Hindi: यूपी एसटीएफ के डीएसपी डीके शाही, जिन्होंने चप्पल पहनकर मंगेश यादव का चर्चित एनकाउंटर किया था, को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। उनके साथ 16 अन्य पुलिसकर्मियों को भी गैलेंट्री अवॉर्ड मिला है।
UP STF DK Shahi Gallantry Award News: उत्तर प्रदेश एसटीएफ के डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही, जिन्हें लोग डीके शाही के नाम से जानते हैं, को वीरता पुरस्कार (गैलेंट्री अवॉर्ड) से सम्मानित किया गया है। यह वही अफसर हैं, जिन्होंने 2 सितंबर 2024 को सुल्तानपुर डकैती में वांटेड बदमाश मंगेश यादव का एनकाउंटर किया था। इस एनकाउंटर ने उन्हें पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना दिया था, क्योंकि एनकाउंटर के दौरान उनकी एक तस्वीर वायरल हुई थी जिसमें वह चप्पल पहने नजर आ रहे थे।
इस मामले पर सियासी बयानबाजी भी जमकर हुई। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि मंगेश यादव का एनकाउंटर जाति देखकर किया गया। इतना ही नहीं, उन्होंने डीके शाही पर तंज कसते हुए कहा था कि अगर दिमाग होता तो चप्पल में एनकाउंटर नहीं करते। वहीं, पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने भी चुटकी लेते हुए कहा था कि यह पहली बार है जब उन्होंने किसी अफसर को चप्पल पहनकर एनकाउंटर करते देखा।
डीके शाही का नाम यूपी एसटीएफ के सबसे तेजतर्रार और अनुभवी अफसरों में शामिल है। उन्होंने अब तक 50 से अधिक एनकाउंटर किए हैं। मंगेश यादव के अलावा, उन्होंने कई कुख्यात अपराधियों को पकड़ने या मार गिराने में अहम भूमिका निभाई है। उनके अलावा यूपी के 16 अन्य पुलिसकर्मियों को भी इस साल गैलेंट्री मेडल से नवाजा गया है, जिनमें 1 आईपीएस, 2 डीएसपी, 3 एएसआई, 2 इंस्पेक्टर, 7 हेड कॉन्स्टेबल और 2 कॉन्स्टेबल शामिल हैं।
इस बार वीरता और सेवा पदकों के लिए पूरे देश से 1090 पुलिसकर्मियों का चयन किया गया, जिसमें सबसे अधिक 95 पदक यूपी पुलिस को मिले हैं। इनमें 17 गैलेंट्री, 6 राष्ट्रपति पदक और 72 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। यह सूची गुरुवार सुबह जारी की गई, जिसने एक बार फिर यूपी पुलिस के साहस और उपलब्धियों को रेखांकित किया।
यूपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, डीके शाही का जन्म 1974 में हुआ और वे मूल रूप से देवरिया जिले के रहने वाले हैं। वर्ष 2019 में उन्हें डीएसपी के पद पर प्रमोशन मिला। उनकी पत्नी ऋतु शाही भाजपा की नेता हैं और मंगेश यादव एनकाउंटर से कुछ समय पहले ही उन्हें उत्तर प्रदेश महिला आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया था। डीके शाही पहली बार 2004 में सुर्खियों में आए, जब उन्होंने इनामी बदमाश देवेंद्र उर्फ सुल्तान को गिरफ्तार किया था। सुल्तान पर दो सिपाहियों की हत्या का आरोप था और उस पर 1 लाख रुपये का इनाम था।