उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक मामला सामने आया है। यहां हॉर्न बजाने पर एंबुलेंस ड्राइवर ने साइड नहीं दिया तो दबंगों ने बेरहमी से पीटाई कर दी। हेल्पर बचाने आया तो उसे भी पीट दिया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने एम्बुलेंस में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को खुद अस्पताल भिजवाया।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक मामला सामने आया है। यहां एक गर्भवती महिला को एम्बुलेंस लेकर अस्पताल जा रही थी। लेकिन रास्ते में साइड न देने के कारण बाइक सवारों ने एंबुलेंस ड्राइवर को बेरहमी से पीट दिया जिसके बाद वह गाड़ी चलाने की स्थिति में नहीं था। गर्भवती महिला की तकलीफ़ बढ़ती जा रही थी। ड्राइवर ने किसी तरह भागकर पुलिस को फोन किया और मौके पर दारोगा आशुतोष दीक्षित पहुंचे। महिला की हालत बिगड़ती देख वह खुद एम्बुलेंस चलाकर ले गए।
एंबुलेंस ड्राइवर हंसराज सिसेंडी थाना क्षेत्र के अहमद खेड़ा गांव की रहने वाली गर्भवती महिला को अस्पताल लेकर जा रहा था। रास्ते में मिले आधा दर्जन से अधिक लोगों ने रास्ता रोककर उसकी एंबुलेंस को रुकवा लिया और वह गाली गलौज करने लगे। कारण पूछे जाने पर दबंगों ने कालर पकड़कर ड्राइवर को गाड़ी से खींच लिया। इसी दौरान एक व्यक्ति ने ईट उठाकर ड्राइवर के सिर में मार दी। जिससे वह लहूलुहान हो गया।
घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी तो सिसेंडी चौकी इंचार्ज आशुतोष दीक्षित फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने देखा कि एंबुलेंस में गर्भवती दर्द से तड़प रही थी। ड्राइवर को इतनी चोट लगी थी कि उसकी हिम्मत नहीं थी कि गाड़ी चलाकर उसे अस्पताल तक पहुंच सके। हालत गंभीर देखते ही चौकी ने खुद एंबुलेंस चलाकर सभी को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में पहुंचकर महिला ने बच्चे को जन्म दिया। दारोगा आशुतोष दीक्षित की सूझबूझ से एक मां और बेटे की जान बच गई।