मऊ सदर से नव निर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी और उनके भाई अंसारी की संपत्तियों को खंगाला जाएगा और इसका ब्यौरा भी तैयार किया जाएगा। दोनों के आय के सोर्स क्या है और उनकी ट्रांजेक्शन हिस्ट्री क्या है, इसका भी पता ईडी लगाएगी। दरअसल, ईडी को जानकारी मिली है कि यूपी के मऊ और गाजीपुर में मुख्तार की कई चल और अचल संपत्तियां हैं।
बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के बेटों पर योगी सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अंसारी के बेटों के खिलाफ जांच बैठाई जाएगी। प्रवर्तन निदेशालय अंसारी के दोनों बेटों अब्बास और उमर के खिलाफ नोटिस जारी करेगा। मऊ सदर से नव निर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी और उनके भाई अंसारी की संपत्तियों को खंगाला जाएगा और इसका ब्यौरा भी तैयार किया जाएगा। दोनों के आय के सोर्स क्या है और उनकी ट्रांजेक्शन हिस्ट्री क्या है, इसका भी पता ईडी लगाएगी। दरअसल, ईडी को जानकारी मिली है कि यूपी के मऊ और गाजीपुर में मुख्तार की कई चल और अचल संपत्तियां हैं। मुख्तार की पत्नी आफसा, रिश्तेदार अतीक रजा और अनवर के नाम से एक कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई गई है। दोनों ही बेटों की सहभागिता इसमें पाई गई है। कंपनी की आड़ में दोनों ही जगह नियम के विरुद्ध काम किया गया है। जल्द ही ईडी की टीम दोनों को नोटिस जारी करेगी और बयान के लिए तलब करेगी।
दोनों बेटों के पास चल-अचल संपत्ति
आरोप है कि विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी स्वरा मऊ में ग्राम पंचायत की जमीन पर कोल्ड स्टोर बनवाया है। इस कोल्ड स्टोर को एफसीआई को किराये पर दिया गया है, जिसके जरिये भारत सरकार को करोड़ों रुपये से ठगा गया है। इस मामले में पुलिस ने बीते साल एफआईआर दर्ज की थी। इसी केस के आधार पर ईडी ने बीते साल मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। जांच में पता चला था कि विकास कंस्ट्रक्शन के नाम पर आने वाली कुछ रकम दोनों के बैंक खातों में भेजी गई थी। अंसारी के दोनों बेटों के पास मऊ और गाजीपुर में चल और अचल संपत्ति है। ईडी अब्बास और उमर को पूछताछ के लिए समन करेगी। दोनों से पूछताछ के बाद उनके सहयोगियों और कंपनी के लोगों से भी पूछताछ करेगी।
7 दिनों में भेजेंगे रिपोर्ट
माफिया मुख्तार अंसारी की लखनऊ के सत्र न्यायालय में पेशी की खबर जेल से लीक होने की बात सामने आई है। इसकी भी जांच होगी। डीआईजी जेल प्रयागराज संजीव त्रिपाठी को यह जांच सौंपी गई है। सात दिनों में जांच रिपोर्ट डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी को सौपेंगे। दरअसल, मुख्तार अंसारी के बेटे विधायक अब्बास अंसारी ने इस बारे में ट्वीट किया था और अचानक बांदा से लखनऊ ले जाने पर सवाल उठाए थे।