यूपी में कोरोना वायरस की स्थिति और चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम मंगलवार को राज्य का दौरा करेगी। चुनाव आयोग की टीम 28 और 29 दिसंबर के बीच उत्तर प्रदेश में रहेगी। इस दौरान यूपी के सभी जिलों से जिलाधिकारियों, एसपी और एसएसपी को राजधानी लखनऊ में बुलाया गया है।
लखनऊ. यूपी में कोरोना वायरस की स्थिति और चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम मंगलवार को राज्य का दौरा करेगी। इस बीच सोमवार को राज्य चुनाव आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक की और राज्य में कोरोना की स्थिति की रिपोर्ट मांगी। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की आहट और विधान सभा चुनावों के मद्देनजर पर केंद्रीय चुनाव आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय की बैठक के बीच यूपी में चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक की। चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि, राज्य में टीकाकरण तेज होना चाहिए। बताया गया कि उत्तर प्रदेश में 83 फीसदी लोगों को कोरोना की पहली डोज लग चुकी है।
सभी डीएम लखनऊ तलब
उधर, चुनाव आयोग की टीम 28 और 29 दिसंबर के बीच उत्तर प्रदेश में रहेगी। इस दौरान यूपी के सभी जिलों से जिलाधिकारियों, एसपी और एसएसपी को राजधानी लखनऊ में बुलाया गया है।
केंद्रीय आयोग ने की बैठक
केंद्रीय चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण से पूछा कि, आने वाले तीन महीनों में संक्रमण कितना फैल सकता है, इस पर स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि फिलहाल यह कहा नहीं जा सकता है, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए मामले 25 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। बैठक में कहा गया है कि अभी पांच चुनावी राज्यों में कोरोना के टीके की पहली डोज की स्थिति संतोजषनक है। वहीं इन राज्यों में 70 फीसद लोगों को कोरोना टीका की पहली खुराक लगाई जा चुकी है।
रैलियों पर लगे रोक
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने विधानसभा चुनाव को स्थगित करने और चुनावी रैलियों पर अपनी राय रखते हुए कहा है कि चुनाव आयोग सभी हालातों का जायजा लेता है, जिसमें राजनीतिक हालात, सुरक्षा व्यवस्था और मेडिकल हेल्थ भी शामिल है। इलेक्शन स्थगित करना संविधान का उल्लंघन करना होगा, यह सवाल तो उठता नहीं है। इससे बेहतर होगा कि रैलियों को बैन करदें, यह नियम सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए लागू होगा।