उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं। कर्मचारियों के काम पर ना जाने से बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसका असर आम लोगों के साथ- साथ अब फैक्ट्रियों में भी पड़ा है।
यूपी में बिजली कर्मचारियों का प्रदेशव्यापी हड़ताल का आज यानी रविवार को तीसरा दिन है। योगी सरकार में ऊर्जामंत्री एके शर्मा लगातार हड़ताली पर बैठे कर्मचारियों के प्रतिनिधि के साथ बात कर रहे हैं। शनिवार शाम को मंत्री एके शर्मा और बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति संयोजक शैलेन्द्र दुबे के बीच बैठक हुई। यह बैठक करीब तीन घंटों तक चली लेकिन हल कुछ नहीं निकला।
कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली आपूर्ति चरमरा गया है। प्रदेश के कई शहरों में बिजली ना होने से लोग परेशान हो रहे हैं। आम उपभोक्ताओं के सब्र का बांध अब टूट गया है। कुछ जगहों पर लोग पावर सब स्टेशन के बाहर इकट्ठा होकर नारेबाजी कर रहे हैं।
बिजली संकट के चपेट में आया आधा लखनऊ
प्रदेश में कर्मचारियों की हड़ताल से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, नोएडा और मेरठ समेत कई शहरों में हड़ताल की वजह से जबरदस्त बिजली का संकट पैदा हो गया। बिजली की सप्लाई ना होने से अब इसका असर फैक्ट्रियों पर पड़ने लगा है। गोरखपुर और कानपुर में फैक्टरियों में काम बंद हो गया है। राजधानी लखनऊ का करीब एक-चौथाई हिस्सा बिजली संकट की चपेट में रहा है।
भले ही सरकार सब कुछ ठीक होने का दावा कर रही हो लेकिन हकीकत में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जिलों में बिजली न आने से कई तरह की समस्याएं सामने आने लगी हैं। कई जगहों पर पानी का संकट भी खड़ा हो गया है।
बिजली फीडर बंद करने वालों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई: सीएम योगी
उत्तर प्रदेश सरकार ने हड़ताल पर गए बिजली कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विद्युत आपूर्ति को बहाल करने में सहयोग नहीं करने वाले कई कर्मियों को बर्खास्त भी किया गया है। इसके साथ ही एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी पहुंचे। बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि अराजकता फैलाने वालों को सूचीबद्ध किया जाएगा। बिजली फीडर बंद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
3 हजार से अधिक संविदाकर्मियों को किया गया बर्खास्त
शनिवार को इस सिलसिले में सरकार की विद्युत कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई भी देखी गई। विद्युत यूनियन के 22 नेताओं के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एस्मा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।इसके अलावा 29 अन्य लोगों पर भी एफआईआर दर्ज किया गया है। बिजली विभाग ने 3 हजार से अधिक संविदाकर्मियों को नौकरी से निकाल दिया है। फिलहॉल अभी तक किसी को अरेस्ट किसी की इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई है।
"नए छात्रों की की जाएगी भर्ती"
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेस करके कहा कि जरूरत पड़ने पर हड़ताल पर गए सभी संविदाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया जाएगा। उनकी जगह पर पॉलिटेक्निक और आईटीआई के छात्रों को ट्रेनिंग देकर उनकी नियुक्ति की जाएगी।