February 2026 School Holidays Clash With Board Exams: फरवरी 2026 छात्रों के लिए बेहद अहम रहने वाला है, क्योंकि इस महीने बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत के साथ कई प्रमुख त्योहारों की छुट्टियां भी पड़ रही हैं। ऐसे में पढ़ाई और अवकाश के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा। सही योजना, समय प्रबंधन और जागरूकता ही परीक्षा में सफलता की कुंजी बनेगी।
February 2026 School Holidays : फरवरी 2026 छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों- तीनों के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण महीना साबित होने जा रहा है। एक तरफ 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं दस्तक दे रही हैं, तो दूसरी ओर कई धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों के कारण अलग-अलग राज्यों में संभावित छुट्टियां भी पड़ रही हैं। ऐसे में सही जानकारी और समय प्रबंधन ही सफलता की कुंजी बन सकता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी का महीना पूरे शैक्षणिक सत्र की दिशा तय करता है। यह वह समय होता है जब प्री-बोर्ड परीक्षाएं, अंतिम रिवीजन, मॉडल पेपर सॉल्विंग और मानसिक तैयारी अपने चरम पर होती है। ऐसे में छुट्टियां जहां थोड़ी राहत देती हैं, वहीं लापरवाही पढ़ाई की लय भी बिगाड़ सकती है।
फरवरी में कई ऐसे पर्व हैं, जिन पर प्रतिबंधित अवकाश (Restricted Holiday) की श्रेणी लागू होती है। यानी हर राज्य में स्कूल बंद रहना अनिवार्य नहीं है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार, शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन लेता है।
1 गुरु रविदास जयंती (1 फरवरी)
यह पर्व पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में विशेष रूप से मनाया जाता है। इन राज्यों में कई सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया जा सकता है।
2 महाशिवरात्रि (15 फरवरी)
यह देशव्यापी धार्मिक पर्व है, लेकिन 2026 में यह रविवार को पड़ रहा है। इसलिए अतिरिक्त स्कूल अवकाश का प्रभाव सीमित रह सकता है।
3 लुई-नगाई-नी (15 फरवरी)
यह पर्व मणिपुर की आदिवासी संस्कृति से जुड़ा है। राज्य में स्कूलों में अवकाश संभव है।
4 लोसर (18 फरवरी)
सिक्किम का प्रमुख बौद्ध पर्व है। इस दिन शैक्षणिक संस्थान बंद रह सकते हैं।
5 छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (19 फरवरी)
महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर मनाया जाता है। स्कूल-कॉलेजों में अवकाश रहता है।
उत्तर प्रदेश बोर्ड
कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक चलेगी। परीक्षाएं दो पालियों में होंगी, जिसमें पहली पाली सुबह 8:30 से 11:45 और दूसरी पाली दोपहर 2:00 से शाम 5:15 तक आयोजित की जाएगी।
बिहार बोर्ड परीक्षा
छुट्टियों का मतलब अक्सर आराम और पारिवारिक कार्यक्रम होता है, लेकिन परीक्षा के समय यह संतुलन कठिन हो जाता है। पढ़ाई की निरंतरता टूटने से दोबारा लय पकड़ना मुश्किल होता है। शिक्षाविदों के अनुसार, त्योहारों के बीच समय निकालना होगा। सोशल मीडिया और यात्रा को सीमित रखना होगा। हर छुट्टी को “स्टडी ब्रेक डे” बनाना चाहिए।