लखनऊ

February Forecast: फरवरी में बदलेगा यूपी का मौसम, घटेगी शीतलहर, बढ़ेगा तापमान, कोहरे के बीच ठंड से मिलेगी आंशिक राहत

February Forecast UP Weather: फरवरी में उत्तर प्रदेश का मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहने के संकेत हैं। ला-नीना प्रभाव कमजोर पड़ने से न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है और शीतलहर के दिनों में कमी आने की संभावना है। कोहरे और तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच प्रदेश में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है।

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Feb 01, 2026
बदलेगा मौसम का मिज़ाज: शीतलहर में कमी, तापमान रहेगा सामान्य से अधिक (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

February Likely to Be Warmer in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में फरवरी माह के दौरान मौसम के तेवर जनवरी की तुलना में कुछ बदले हुए नजर आ सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों के आकलन के अनुसार प्रदेश में इस बार शीतलहर के दिनों में कमी आने की संभावना है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में जारी ला-नीना परिस्थितियों के कमजोर पड़ने और तटस्थ नीनो दशा की ओर बढ़ने के संकेतों के बीच फरवरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान जताया गया है। इससे ठंड का असर कम होने के साथ सर्द हवाओं की तीव्रता में गिरावट देखी जा सकती है।

जनवरी का मौसम: उतार-चढ़ाव भरा रहा

जनवरी माह प्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से काफी अस्थिर रहा। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सक्रिय ला-नीना प्रभाव और उत्तर-पश्चिम भारत में लगातार सक्रिय रहे पश्चिमी विक्षोभों ने मौसम के पैटर्न को प्रभावित किया।

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 31% अधिक वर्षा दर्ज की गई।
  • वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 67% कम वर्षा हुई।
  • पूरे प्रदेश की औसत मासिक वर्षा सामान्य से 26% कम रही।
  • बारिश के इस असमान वितरण ने कई जिलों में ठंड और कोहरे के असर को अलग-अलग रूप दिया।
  • 18–23 दिन घना कोहरा, तापमान में भारी उतार-चढ़ाव

जनवरी के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में 18 से 23 दिन तक घना कोहरा छाया रहा। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ। दृश्यता कई स्थानों पर 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।

कोहरे और बादलों की आवाजाही के कारण दिन और रात के तापमान में भारी अंतर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार:

  • 4 दिन शीत दिवस (Cold Day) की स्थिति रही
  • 4 दिन शीतलहर (Cold Wave) की स्थिति दर्ज की गई
  • इस दौरान दिन में धूप निकलने पर तापमान बढ़ जाता, जबकि रात में तेज गिरावट दर्ज होती रही।

फरवरी में क्या बदलेगा

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में ला-नीना परिस्थितियां कमजोर हो रही हैं। फरवरी, मार्च और अप्रैल के दौरान इनके तटस्थ नीनो अवस्था में बदलने की संभावना है। साथ ही हिन्द महासागरीय द्विध्रुव (IOD) की स्थिति भी तटस्थ बनी हुई है।

इन दोनों कारकों के संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश में फरवरी माह के दौरान:

  • औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना
  • शीतलहर के दिनों में 1 से 3 दिन की कमी
  • अधिकतम तापमान सामान्य या थोड़ा अधिक
  • औसत मासिक वर्षा सामान्य से कम
  • यानी सुबह-शाम ठंड बनी रह सकती है, लेकिन कड़ाके की सर्दी वाले हालात कम देखने को मिलेंगे।

शीतलहर क्यों घटेगी

ला-नीना के कमजोर होने से उत्तर भारत की ओर आने वाली ठंडी हवाओं का प्रवाह कमजोर पड़ता है। इसके कारण तापमान में अत्यधिक गिरावट की संभावना घट जाती है। जब पश्चिमी विक्षोभ कम सक्रिय रहते हैं, तब बादलों की कमी से दिन में धूप तेज हो जाती है, जिससे ठंड का असर कम होता है।

खेती और जनजीवन पर असर

फरवरी में तापमान सामान्य से अधिक रहने से रबी फसलों पर मिश्रित प्रभाव पड़ सकता है। गेहूं और सरसों की फसल के लिए हल्की ठंड अनुकूल होती है, लेकिन अधिक गर्मी फसल की बढ़वार को प्रभावित कर सकती है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और सिंचाई तथा खाद प्रबंधन समय अनुसार करें।

कोहरे से राहत, लेकिन सावधानी जरूरी

जनवरी की तुलना में फरवरी में कोहरे के दिनों में कमी आ सकती है, जिससे यातायात सुचारु रहने की संभावना बढ़ेगी। फिर भी सुबह के समय हल्का कोहरा और ठंडी हवाएं परेशानी पैदा कर सकती हैं। ड्राइवरों को फॉग लाइट का उपयोग करने और धीमी गति बनाए रखने की सलाह दी गई है।

 स्वास्थ्य पर प्रभाव

ठंड कम होने के बावजूद मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और एलर्जी के मामले बढ़ सकते हैं। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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