
पिपराघाट से शहीद पथ तक 5 किमी का नया मार्ग, यातायात को मिलेगी बड़ी राहत (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
LDA Begins Phase-3 of Lucknow Green Corridor: राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहर के प्रमुख हिस्सों को तेज कनेक्टिविटी देने की दिशा में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तृतीय चरण का कार्य शुरू कर दिया है। पिपराघाट से शहीद पथ के बीच बनने वाला यह लगभग 5 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर शहर के लिए एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
इसके पूरा होने के बाद कैंट क्षेत्र से अयोध्या रोड और कानपुर रोड की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भारी जाम से मुक्ति मिलेगी और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सोमवार को पूरे रूट का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस परियोजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण संरचना रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण भी शामिल है। यह आरओबी लगभग 240 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा होगा। इससे रेल क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और यातायात निर्बाध रूप से चलता रहेगा।
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने दिलकुशा से ग्रीन कॉरिडोर को जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण के निर्देश दिए। इस हिस्से के चौड़ा होने से आसपास के इलाकों के लोगों को भी कॉरिडोर का सीधा लाभ मिलेगा।
पिपराघाट से जी-20 रोड तक चार लेन पुल का निर्माण प्रस्तावित है। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि इस पुल का निर्माण कार्य एक सप्ताह के भीतर शुरू कराया जाए, ताकि परियोजना में देरी न हो।
आर्मी लैंड नाले से शहीद पथ के बीच लगभग 2.5 किलोमीटर लंबे बंधे का निर्माण होना है। यह बंधा जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। प्रथमेश कुमार ने निर्देश दिए कि बरसात से पहले लैंड फिलिंग का पूरा काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि मानसून के दौरान निर्माण कार्य बाधित न हो।
ग्रीन कॉरिडोर को भविष्य में इकाना क्रिकेट स्टेडियम से किसान पथ तक भी जोड़ा जाएगा। इस प्रस्तावित एलाइनमेंट के निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को राहत देने की घोषणा की।
परियोजना के तहत जिन काश्तकारों की जमीन जाएगी, उन्हें लैंड पूलिंग नीति के अंतर्गत वेलनेस सिटी में निःशुल्क भूमि देने का प्रावधान किया जाएगा। यह कदम किसानों के हितों की रक्षा और परियोजना के प्रति सकारात्मक सहयोग सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा, जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता अजीत सिंह और मनोज सागर समेत कई अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे।
Published on:
01 Feb 2026 05:17 am

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