UP Congress Chief Ajay Rai: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि वह महोबा एक दलित बच्ची के साथ हुई दरिंदगी का मुद्दा उठाने गए थे, लेकिन भाजपा ने उनकी बात का गलत अर्थ निकालकर उन पर मुकदमा दर्ज करा दिया।
उत्तर प्रदेश के महोबा में एक दलित बच्ची के साथ हुई 16 दिनों की दरिंदगी के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मैं महोबा गया था। वहां एक दलित बच्ची के साथ 16 दिनों तक रेप हुआ। उसे नशे के इंजेक्शन लगाए गए और उसके गुप्तांग सिगरेट से जलाए गए। मैंने सिर्फ उस बच्ची के लिए न्याय मांगा। भाजपा को यह नागवार गुजरा। AI वीडियो के माध्यम से मुझपर मुकदमा लगाया जा रहा है, मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। सरकार चाहे तो मुझ पर 100 मुकदमे लगा दे, मैं जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन उस बच्ची को इंसाफ मिलना चाहिए।
अजय राय ने भाजपा नेताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कोई भाजपा नेता पीड़ित बच्ची के घर गया? अजय राय ने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
दरअसल, महोबा जिले में 22 मई को आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर अजय राय समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने यह मामला भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य नीरज रावत की शिकायत पर दर्ज किया है।
एफआईआर के मुताबिक, समद नगर इलाके में बिना प्रशासनिक अनुमति के कार्यक्रम आयोजित किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अजय राय 15-16 वाहनों के काफिले और करीब 25-30 समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग की वजह से यातायात प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस बयान से सामाजिक तनाव और जातीय वैमनस्य फैल सकता है। शिकायतकर्ता ने वायरल वीडियो की पेन ड्राइव भी पुलिस को सौंपी है।
महोबा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि पुलिस ने बीएनएस की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें गलत तरीके से रास्ता रोकने, गैरकानूनी सभा करने, लोक सेवक के काम में बाधा डालने, शांति भंग करने और विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने जैसी धाराएं शामिल हैं।
पुलिस ने अजय राय, पूर्व कांग्रेस कमेटी सचिव बृजराज अहिरवार और 25-30 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य सबूतों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।