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राजा भैया, ब्रजभूषण सिंह के लाइसेंसी शस्त्रों की जांच के आदेश कोर्ट ने दे दिए, अब कौन-सी अदृश्य शक्तियों की बात कर रहे अखिलेश यादव?

Akhilesh Yadav Latest News: राजा भैया, ब्रजभूषण सिंह के लाइसेंसी शस्त्रों की जांच के आदेश कोर्ट ने दिए हैं। जानिए अब कौन-सी अदृश्य शक्तियों की सपा प्रमुख अखिलेश यादव बात कर रहे हैं?

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लखनऊ

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Harshul Mehra

May 23, 2026

hc orders investigation into licensed weapons of raja bhaiya brajbhushan singh akhilesh yadav targets bjp

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Akhilesh Yadav Latest News: समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने BJP और उससे जुड़े ‘संगी-साथियों’ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह असली शस्त्रों के लाइसेंस की जांच होती है, उसी तरह देश, समाज और आपसी सौहार्द पर “अदृश्य शस्त्रों” से हमला करने वालों की गतिविधियों की भी कानूनी पड़ताल होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने X पर किया पोस्ट

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, '' वकील और जनता सवाल उठा रहे हैं कि BJP नेताओं और उनके सहयोगियों के निर्माण, चंदे, संपत्तियों, विदेश दौरों और कथित गुप्त गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कर उनका पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक किया जाए।''

'कुछ अदृश्य शस्त्र भी हैं, जो घातक हमला कर रही'

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, '' असली शस्त्र के तो लाइसेंस बनते हैं लेकिन कुछ अदृश्य शस्त्र भी हैं, जो गुप्त रूप से देश, समाज और आपसी प्रेम पर अंदर से बेहद घातक हमला कर रहे हैं। वकील कह रहे हैं कि लगे हाथों। भाजपाइयों के घर, दुकान, कार्यालय, प्रतिष्ठान के कागज़-नक्शे मंगाकर उनकी वैधता भी जांच ली जाए। साथ ही भाजपा और उनके संगी-साथियों द्वारा निर्माणों, आयोजनों व आपदाओं के नाम पर ‘जगह-जगह’ से बटोरे गये ‘तरह-तरह’ के चंदे-फंड का हिसाब भी मांगा जाए और उनका ऑडिट हो।''

उन्होंने कहा, '' हां जनता ये भी पूछ रही है कि इस बात का भी कानूनी पहलू समझाया जाए कि ‘अनरजिस्टर्ड’ लोग जमीन किसके नाम से लेकर अपना निर्माण करते हैं और ये संपत्तियां कैसे बेनामी नहीं हैं? इसके अतिरिक्त जनता की जिज्ञासा ये भी है कि गुप्त-गतिविधियों में संलिप्त भाजपाई संगी-साथियों के ऐसे निर्माणों को ‘कार्यालय’ कहा जाए या ‘अड्डा’? ''

‘संगी-साथी’ अवैध लोगों का खर्चा-पानी कौन उठाता है?

अखिलेश यादव ने कहा कि इन ‘संगी-साथी’ अवैध लोगों का खर्चा-पानी कौन उठाता है? इसका कच्चा चिट्ठा तलाशकर खोला जाए। ये तथाकथित स्वदेशी ‘संगी-साथी’, विदेश भ्रमण करने क्यों जाते हैं? उन्होंने कहा कि ये ‘संगी-साथी’ औपनिवेशिक समय से किसकी कठपुतली हैं? इन ‘संगी-साथियों’ का इतिहास मुखबिरी का क्यों रहा है? ये ‘संगी-साथी’ सामाजिक सौहार्द क्यों बिगाड़ते हैं? सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि वकील ये भी पूछ रहे हैं कि अब ये ‘संगी-साथी’ किस नई साजिश के तहत ‘मानस के मान’ पर लाठियां चलवा रहे हैं।

बिजली व्यवस्था को लेकर क्या बोले अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसके पहले बिजली व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा की गलत नीतियों की वजह से उप्र में जो असहनीय बिजली संकट चल रहा है, उसके लिए बिजली विभाग के कनिष्ठ कर्मचारियों या लाइनमैन पर जनता अपना गुस्सा न निकाले।

'बीमारों व बच्चों का विशेष ख्याल रखें'

बिजली विभाग के हजारों संविदा कर्मचारियों की छंटनी के बाद वो पहले से ही बहुत दबाव में काम कर रहे हैं। दरअसल इस ‘महा विद्युत आपदा’ के लिए भाजपा सरकार, बिजली मंत्री, भाजपा के सांसद, विधायक, मेयर, पार्षद से लेकर बिजली विभाग के उच्चाधिकारी व भ्रष्ट ठेकेदार जिम्मेदार हैं, जो इस नाकाम सत्ता में अप्रत्यक्ष-प्रत्यक्ष रूप से हिस्सेदार हैं। सवाल-जवाब इन लोगों से किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा ये भी आग्रह है कि घर के बड़े बुजुर्गों, बीमारों व बच्चों का विशेष ख्याल रखें और जब भी बिजली आए तो मोबाइल चार्ज कर लें और टार्च तैयार करके रखें। ये भी ध्यान रखें कि अंधेरे का फ़ायदा उठाकर कोई असामाजिक तत्व आपके वाहनों, घर के सामनों पर हाथ न साफ कर जाएं। पशुओं का भी विशेष ध्यान रखें।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में बढ़ते गन कल्चर और प्रभावशाली लोगों को जारी शस्त्र लाइसेंस को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्टने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में खुलासा हुआ है कि राज्य में 10 लाख से ज्यादा लोगों के पास शस्त्र लाइसेंस हैं, जिनमें 6062 ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन पर 2 या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

इस खुलासे के बाद हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए उन बाहुबलियों और प्रभावशाली लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि तथा उन्हें मिली सरकारी सुरक्षा का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है, जिनका नाम सरकारी हलफनामे में शामिल नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने उन प्रभावशाली लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि और सुरक्षा व्यवस्था का विवरण मांगा है, जिनके नाम सरकारी हलफनामे में नहीं थे। इनमें कई चर्चित राजनीतिक और आपराधिक छवि वाले नाम शामिल हैं। अदालत ने विशेष रूप से अब्बास अंसारी (Abbas Ansari), बृजभूषण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh), राजा भैया, जैसे नामों से जुड़े मामलों की जानकारी मांगी है।