
लखनऊ. इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया के चेयरमैन के मौलाना खालिद फरंगी महली जिन्ना और हिंदुस्तानी मुसलमानों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि जिन्ना से हिंदुस्तानी मुसलमानों का कोई वास्ता नहीं है। इसक् साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जो मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो लगी हुई है। उस फोटो के वहां से हटा देनी चाहिए। हिंदुस्तानी मुसलमानों का जिन्ना से कभी कोई रिश्ता नहीं रहेगा। इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया के चेयरमैन के मौलाना खालिद फरंगी महली लखनऊ ईदगाह व टीले वाली मस्जिद के इमाम और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य के एक सदस्य भी हैं।
विरोध का तरीका बिल्कुल गलत है
इस बात को लेकर उन्होंने कहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो पर अगर किसी को एतराज था तो उसे सीधे यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से बात करनी चाहिए थी। इसके अलावा जिन्ना की फोटो हटाने हेतु अपनाया गया विरोध का तरीका बिल्कुल गलत है। यूनिवर्सिटी में राजनीतिक हस्तक्षेप दुर्भाग्यपूर्ण होते रहते हैं। उन्होंने कहा है कि मुंबई में एक जिन्ना हाउस बना हुआ है उसके रखरखाव का जो खर्चा सरकार द्वारा उठाया जा रहा है तो उसे भी बंद कर देना चाहिए।
इस तरह के मुद्दे जान बूझकर उठाए जा रहे
हमारे लोगों पर जिन अंग्रेजों ने जुल्म ठाए, उनके नाम से देशभर में जहां कहीं भी इमारते व सड़कें बनी हुई हैं। उनके तरह से उनके नाम भी बदल दिए जाएं। मौलाना खालिद फरंगी महली ने कहा है कि आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए जनता को मुद्दों से भटकाने के लिए इस तरह के मुद्दे जान बूझकर उठाए जा रहे हैं लेकिन जनता भी वेबकूफ नहीं है वह भी समझदार है और वह अब इस बार किसी के भी बहकावे में आने वाली नहीं है। इससे पूर्व मौलाना ने मस्जिद रईस बाग तिलक नगर में बोलते हुए कहा कि बाबर ने भी अपने बेटे को वसीयत की थी कि गोकशी मत होने देना ताकि किसी की भावनाएं आहत न हो पाएं।
मुस्लिम लड़कियों से ही निकाह करें
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि मुस्लिम लड़कियों से ही निकाह करें। इससे लव जिहाद के नाम पर लोगों में नफरत फैलाने वालों को मौका भी नहीं मिलेगा। कारी मोहम्मद गजाली ने कुरान की तिलावत की। अध्यक्षता मौलाना अनीस अहमद खां ने की। मौलाना मोहम्मद साद, मुफ्ती अब्दुल रशीद, राशिद अली मीनाई आदि थे।