
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए नारी सुरक्षा सप्ताह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश भर में पुलिस अधिकारी स्कूल और कॉलेज में जाकर छात्राओं को जागरुक करने का जोर शोर से प्रयास कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों छात्राओं को उनके अधिकारों को जानने व चुप्पी तोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैँ। हालांकि इस दौरान कई बार पुलिस अधिकारियों को छात्राओं के कई मुश्किल और असहज करने वाले सवालों का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे ही एक सवाल एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार के सामने भी छात्रा ने उठा दिया।
छात्रा का लड़कों पर सवाल
नारी सुरक्षा सप्ताह पर लखनऊ स्थित अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज में छात्राओं को जागरुक करने के लिए एसएसपी दीपक कुमार पहुंचे। यहां बीए सेकेंड ईयर की छात्रा ऐश्वर्या अग्रवाल ने एसएसपी से सीधा सवाल किया कि आप जैसे लड़कियों को स्कूल-कॉलेज में जाकर समझाते हैं, क्या उसी तरह लड़को को भी समझाते हैं।
इस पर एसएसपी ने छात्रा को जबाव दिया कि पहले उनका फोकस लड़कियों को जागरुक करना है। ताकि वह अपने अधिकारों के बारे में जान सके। साथ ही उनके साथ होने वाली घटनाओं पर चुप रहना छोड़ दें।
छात्रा के सवालों पर विचार जरुरी
ऐश्वर्या अग्रवाल ने इस दौरान बड़ा सवाल खड़ा किया कि जो लोग हमें परेशान करने की कोशिश करते हैं, उन्हें समझाने का प्रयास क्यों नहीं किया जाता। हमेशा लड़कियों को सुरक्षा बरते की बात कही जाती है। लेकिन कभी लड़कों को उनके कॉलेज जाकर नहीं बताया जाता है कि लड़किओं और महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करें। छात्रा ने कहा कि अगर इस दिशा में विचार किया जाए, तो समाज में बेहतर बदलाव आएगा। साथ ही लड़कियां व महिलाएं सुरक्षित महसूस करेंगी।
निर्भया मामले की बात फिर उठी
नारी सुरक्षा सप्ताह के दौरान अवध अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्रिंसिपल उपमा चतुर्वेदी ने निर्भया मामले की बात उठाई। उन्होंने एसएसपी दीपक कुमार से पूछा कि निर्भया मामले में न्याय मिलने में इतनी देर क्यों हुई। वहीं इतनी बड़ी वारदात में नाबालिग दोषी को क्यों छोड़ दिया गया। इस पर एसएसपी ने उन्हें बताया कि यह न्यायपालिका का विषय है। हांलाकि पुलिस इस सिस्टम का अंग है, तो पुलिस कानून के दायरे में अपना काम करती है। हमारी प्राथमिकता ऐसे मामलों में जल्दी और तथ्य पूर्ण जांच करना होता है।
अपने अधिकारों को जानें
एसएसपी दीपक कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, लड़कियों को अपने अधिकार जरुर पता होने चाहिए। वहीं उन्हें डर कर चुप रहना छोड़ना होगा। एसएसपी ने छात्राओं को बताया कि कोई 15 सेकेंड से ज्यादा घूरे तो यह भी एक अपराध है। कोई भी परेशानी होने पर लड़कियां यूपी पुलिस के 100 नंबर और 1090 (वूमेन पावर लाइन) पर फोन कर सूचना दे सकती हैं। पुलिस उनकी हर मदद करेगी।