
उमेश पाल शूटआउट का गुरुवार को 35वां दिन है। पिछले 35 दिन में पुलिस, एटीएफ और एसओजी की टीम आठ राज्यों, तीन देशों की खाक छान रही है, लेकिन अभी तक शूटर्स और अतीक की पत्नी शाइस्ता को नहीं ढूंढ सकी है। शाइस्ता के अलावा अतीक का बेटा असद, गुड्डू मुस्लिम, अरबाज, साबिर और मोहम्मद गुलाम भी फरार हैं।
धूमनगंज क्षेत्र के जयंतीपुर कॉलोनी में जीटी रोड पर दिनदहाड़े जिस अंदाज में शूटरों ने घटना को अंजाम दिया। उससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती मिली है। इससे तिलमिलाए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरी विधानसभा में माफिया को मिट्टी में मिलाने का ऐलान कर दिया। इसके बावजूद सारा इंटेलीजेंस अतीक गैंग के नेटवर्क के आगे फेल दिख रहा है। कामयाबी के नाम पर अभी तक दो एनकाउंटर, और छह गिरफ्तारियां की गई हैं। जबकि घटना में बड़ी भूमिका निभाने वाले आरोपी अभी तक फरार हैं।
यूपी समेत 8 राज्यों में हो रही है आरोपियों की तलाश
शूटर्स की तलाश में उत्तर प्रदेश समेत आठ राज्यों में तलाश हो रही है। एक दर्जन से ज्यादा टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें मुस्लिम बोर्डिंग छात्रावास में अवैध तरीके से रहकर शूटर्स की मीटिंग कराने वाला एलएलबी स्टूडेंट सदाकत भी शामिल है।
उमेश पाल हत्याकांड में पहली गोली चलाने वाला विजय चौधरी उर्फ उस्मान, क्रेटा कार का ड्राइवर अरबाज, अतीक अहमद का ड्राइवर कैश अहमद और शूटरों को कार से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने वाला अरबाज पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो चुका है।
अतीक के साथ शाइस्ता के भी वफादार हैं शूटर
उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल अतीक अहमद के ड्राइवर कैश अहमद से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। अहमद ने बताया कि उमेश पाल हत्याकांड में शामिल सभी शूटर अतीक के साथ-साथ उसकी पत्नी शाइस्ता के भी वफादार और भरोसेमंद थे। शूटर मोहम्मद गुलाम अतीक अहमद के दोनों बेटों अली और उमर का भरोसेमंद था। गुलाम असद का भी करीबी था, वह गुलाम को छोटा भाई बताता था। शाइस्ता के कहने पर ही असद और गुलाम एक साथ वारदात के बाद फरार हुए हैं।
पुलिस की हिट लिस्ट में शामिल हैं ये पांच लोग
उमेश पाल हत्याकांड में शामिल अतीक अहमद के बेटे असद, खास गुर्गे अरमान, गुलाम, गुड्डू और साबिर को पुलिस लगातार तलाश कर रही है। इन पांचों आरोपियों पर इनाम की राशि ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख कर दी गई है। आरोपियों में असद पुत्र अतीक अहमद निवासी चकिया, अरमान पुत्र समीम निवासी एमजी मार्ग, गुलाम पुत्र मकसूदन निवासी मेंहदौरी, गुड्डू मुस्लिम पुत्र शरीफ निवासी लाला की सराय और साबिर पुत्र नसीर निवासी मरियाडीह के नाम भी शामिल हैं।
अब तक पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों अरबाज और विजय चौधरी उर्फ उस्मान को एनकाउंटर में मार गिराया है। पुलिस का दावा है कि अरबाज वह क्रेटा कार चला रहा था, जिससे शूटर उमेश की हत्या करने पहुंचे थे. वहीं, विजय चौधरी वह शख्स था, जिसने सबसे पहले उमेश पर फायरिंग की थी। इसके अलावा पुलिस ने सदाकत खान को गिरफ्तार किया है।
पुलिस का दावा है कि सदाकत के हॉस्टल रूम में ही उमेश की हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस ने नेपाल में असद और शूटरों को पनाह देने वाले कय्यूम अंसारी को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा बांदा से शूटर गुड्डू मुस्लिम के करीबी 50 हजार के इनामी वहीद को गिरफ्तार किया था।
24 फरवरी को हुई थी उमेश पाल की हत्या
24 फरवरी को धूमनगंज में भाजपा नेता और एडवोकेट उमेश पाल, उनके दो सुरक्षाकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह पूरी घटना आसपास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद पता चला कि बेखौफ शूटरों ने जिस तरह से शूटआउट को अंजाम दिया, वह सरकार को खुली चुनौती थी।
सीसीटीवी की मदद से ज्यादातर शूटर की पहचान होने के बाद पुलिस ने धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी थी। विधानसभा सत्र में अखिलेश यादव के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि आरोपियों को मिट्टी में मिलाने का काम करेंगे।
25 फरवरी को जया पाल ने दर्ज कराई FIR
उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने घटना के अगले दिन 25 फरवरी को धूमनगंज थाने में FIR दर्ज कराई। इसमें पूर्व सांसद अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, अतीक के दो बेटे, अतीक के साथी गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और 9 अन्य लोगों को नामजद किया गया।
27 फरवरी को मुठभेड़ में आरोपी अरबाज ढेर
उमेश पाल शूटआउट केस में पुलिस को 27 फरवरी को बड़ी कामयाबी मिली। हत्याकांड का आरोपी अरबाज धूमनगंज थाना क्षेत्र में नेहरू पार्क में छिपा बैठा था। पुलिस ने घेराबंदी की तो गोली चलाने लगा। जवाबी कार्रवाई में मारा गया। इस मुठभेड़ में धूमनगंज थाना प्रभारी राजेश मौर्य भी घायल हो गए थे। अरबाज माफिया अतीक अहमद का करीबी था और उसके पिता अतीक के ड्राइवर हुआ करते थे।
6 मार्च को उमेश पर पहली गोली चलाने वाला उस्मान मारा गया
उमेश पाल के ऊपर कार से उतरते ही पहली गोली चलाने वाला उस्मान 6 मार्च को पुलिस के साथ मुठभेड़ में ढेर हो गया। तड़के करीब पांच-साढ़े पांच बजे कौंधियारा थाना क्षेत्र में विजय उर्फ उस्मान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उस्मान उमेश पाल और अन्य दो पुलिसकर्मियों को गोली मारने की घटना में शामिल था।