
Flight Chaos in Lucknow: देशभर में इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट कैंसिलेशन का सीधा असर शुक्रवार को लखनऊ के अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दिखाई दिया। एक ही दिन में 42 उड़ानें रद्द हो गईं, जिसके कारण 2400 से अधिक यात्रियों और उनके परिजनों समेत लगभग 10 हजार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अचानक फ्लाइटें निरस्त होने, सही जानकारी न मिलने और घंटों एयरपोर्ट पर फंसे रहने से यात्रियों में भारी आक्रोश देखा गया।
लखनऊ एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 144 उड़ानें ऑपरेट होती हैं, जिनमें 65 फ्लाइटें केवल इंडिगो की होती हैं। शुक्रवार को इंडिगो की तकनीकी व परिचालन कठिनाइयों के चलते लखनऊ से आने और जाने वाली कुल 42 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद, बेंगलुरु, पटना, कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों की उड़ानें शामिल थीं।
फ्लाइटों के निरस्त होने की सूचना यात्रियों को समय पर नहीं मिली। कई लोग 5 से 20 घंटे तक एयरपोर्ट पर बैठे रहे। ऐसे में जब अचानक डिस्प्ले बोर्ड पर फ्लाइट कैंसिल दिखी, तो यात्रियों में हंगामा मच गया। कई बार यात्रियों और एयरलाइन स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।
यात्रियों का आरोप: वेबसाइट और ऐप पर गलत जानकारी, बोर्डिंग पास तक बन गए
क्षुब्ध यात्रियों ने एयरलाइन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि इंडिगो की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उड़ानों का समय सामान्य दिख रहा था, जिससे कई यात्रियों ने ऑनलाइन बोर्डिंग पास तक निकाल लिया। लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर पता चला कि उनकी उड़ान रद्द कर दी गई है। कंकाल जानकारी देने वाले स्टाफ की चुप्पी और स्पष्ट जवाब ना मिलने से यात्रियों का गुस्सा बढ़ता गया। कई यात्रियों ने कहा कि यदि उन्हें समय पर फ्लाइट निरस्त होने की सूचना दी जाती तो वे दूसरे विकल्प चुन सकते थे।
टिकट किरायों में बेतहाशा उछाल, 5 हजार से बढ़कर 48 हजार तक पहुंचा किराया
इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से न सिर्फ यात्रियों का कार्यक्रम बिगड़ा बल्कि अन्य एयरलाइंस ने इसका सीधा फायदा उठाते हुए टिकट किरायों में 10 गुना तक की वृद्धि कर दी।
उदाहरण के तौर पर:
7 दिसंबर की एयर इंडिया की रात 8:30 वाली दिल्ली फ्लाइट का किराया ₹46,301 दिखा, जो यात्रियों को चौंकाने वाला था।
शुक्रवार दोपहर लगभग 2 बजे इंडिगो काउंटर पर तनाव चरम पर पहुंच गया। घंटों से खड़े यात्रियों ने बताया कि कर्मचारी न तो रिफंड के बारे में स्पष्ट जवाब दे रहे थे, न ही नई उड़ान की सुनिश्चित जानकारी।
कुछ यात्रियों ने कहा कि
अंततः हताश होकर रावल परिवार ने 50 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च कर सड़क मार्ग से पुणे लौटने का कठिन निर्णय लिया।
इंडिगो की उड़ानों के लगातार रद्द होने का संकट फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है। एयरलाइन की ओर से स्पष्ट जानकारी ना दिए जाने और अचानक कैंसिलेशन से यात्रियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। एयरपोर्ट पर घंटों फंसे यात्रियों ने कहा कि
सरकार, एयरलाइन कंपनियों और एयरपोर्ट प्राधिकरण को मिलकर इस तरह की स्थितियों से निपटने के लिए ठोस दिशा-निर्देश बनाने होंगे, ताकि लाखों यात्रियों को भविष्य में ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।