Free Admission: आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश का सुनहरा मौका आया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सत्र 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो रही है। लाखों सीटों पर दाखिले होंगे, जिनका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
Free Admissions in Private School Under RTE Scheme :आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस योजना के माध्यम से ऐसे बच्चों को भी बड़े और प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने का अवसर मिलेगा, जिनके लिए अब तक यह केवल सपना था। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने। इसी दिशा में यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आई है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत देश के सभी निजी स्कूलों को अपनी 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूह (DG) के बच्चों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। इन सीटों पर पढ़ने वाले बच्चों की फीस, किताबें और अन्य शैक्षणिक खर्च सरकार वहन करती है। उत्तर प्रदेश में इस बार लगभग 68,000 निजी स्कूलों में करीब 6 लाख सीटों पर मुफ्त दाखिले की संभावना जताई गई है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक मानी जा रही है।
प्रवेश प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है, ताकि अधिक से अधिक अभिभावक आवेदन कर सकें।
| चरण | आवेदन तिथि | लॉटरी परिणाम |
| पहला | 2 फरवरी – 16 फरवरी 2026 | 18 फरवरी 2026 |
| दूसरा | 21 फरवरी – 7 मार्च 2026 | 9 मार्च 2026 |
| तीसरा | 12 मार्च – 25 मार्च 2026 | 29 मार्च 2026 |
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन बच्चों का नाम लॉटरी में आएगा, उनका दाखिला 11 अप्रैल 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
| कक्षा | आयु सीमा |
| नर्सरी | 3-4 वर्ष |
| LKG | 4-5 वर्ष |
| UKG | 5-6 वर्ष |
| कक्षा 1 | 6-7 वर्ष |
चूंकि सीटें सीमित हैं और आवेदनों की संख्या अधिक होती है, इसलिए चयन प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड लॉटरी के जरिए होती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष मानी जाती है। लॉटरी में चयनित बच्चों की सूची जारी होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी संबंधित स्कूलों को आदेश देते हैं कि वे बच्चों को बिना किसी शुल्क के प्रवेश दें।
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। अभिभावकों को किसी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।
फॉर्म भरते समय स्कूलों का चयन सावधानी से करें। स्कूल की दूरी, शिक्षा स्तर और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
पिछले वर्षों में भी हजारों बच्चों को इस योजना से लाभ मिला है। कई बच्चों ने प्रतिष्ठित स्कूलों में प्रवेश लेकर शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इससे गरीब परिवारों में शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।