सोना चांदी आज का भाव: लखनऊ मंडल के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी जारी है, जिससे निवेशक और खरीदार दोनों सतर्क नजर आ रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितता, बढ़ती मांग और सुरक्षित निवेश की चाह ने भावों को ऊंचाई पर पहुंचा दिया है, जबकि विशेषज्ञ सोच-समझकर निवेश की सलाह लगातार
Gold Silver Price Today: लखनऊ मंडल के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच कीमती धातुओं ने एक बार फिर निवेशकों और आम खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान निकट भविष्य में भी जारी रह सकता है, हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली के कारण हल्की गिरावट भी संभव है। सर्राफा एसोसिएशन के ताजा अपडेट के अनुसार, खुदरा ग्राहकों के लिए 10 ग्राम सोने के दाम इस प्रकार हैं (जीएसटी, मेकिंग व हॉलमार्क शुल्क अतिरिक्त) .
दुनियाभर में भू-राजनीतिक तनाव, मंदी की आशंकाएं और वित्तीय बाजारों में अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। सोना पारंपरिक रूप से “सेफ हेवन” माना जाता है, इसलिए इसकी मांग बढ़ रही है।
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और ब्याज दरों से जुड़ी अनिश्चितता भी सोने की कीमतों को समर्थन दे रही है। जब ब्याज दरें स्थिर या घटने की उम्मीद होती है, तब सोने में निवेश आकर्षक बनता है।
स्थानीय बाजार में मांग का एक बड़ा कारण सामाजिक अवसर भी हैं। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में आभूषणों की खरीद बढ़ जाती है, जिससे दाम ऊपर जाते हैं।
चांदी केवल आभूषण ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मेडिकल उपकरणों में भी उपयोग होती है। औद्योगिक मांग बढ़ने से इसके दाम को मजबूती मिल रही है।
लखनऊ के सर्राफा व्यापारियों के अनुसार, ग्राहकों की आवाजाही में कमी नहीं आई है, लेकिन लोग अब सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं। भारी आभूषणों की बजाय हल्के और डिज़ाइनर ज्वेलरी की मांग बढ़ी है। निवेश के उद्देश्य से लोग सिक्के और बिस्किट (गोल्ड बार) भी खरीद रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि ऊंचे दाम के बावजूद सोना खरीदना पूरी तरह बंद नहीं हुआ, बल्कि खरीदारी का पैटर्न बदल गया है। लोग छोटी मात्रा में नियमित खरीदारी कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने में तेजी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि वैश्विक हालात अस्थिर रहते हैं तो कीमतें और बढ़ सकती हैं। अचानक किसी सकारात्मक आर्थिक खबर से कीमतों में गिरावट भी संभव है। चांदी में उतार-चढ़ाव सोने से ज्यादा तेज होता है, इसलिए जोखिम भी अधिक है।
यह सवाल हर खरीदार के मन में है। ऊंचे दाम देखकर कई लोग इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग मानते हैं कि कीमतें और बढ़ सकती हैं। बाजार जानकारों का सुझाव है कि एकमुश्त बड़ी खरीदारी की बजाय चरणबद्ध निवेश (SIP की तरह) बेहतर रणनीति हो सकती है।
सोना-चांदी भावनात्मक और परंपरागत निवेश जरूर है, लेकिन यह भी बाजार जोखिम से मुक्त नहीं है। कीमतों में अचानक गिरावट भी संभव है। इसलिए बिना योजना के निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय अवश्य लें।