Government Employee Work From Home: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने सभी सरकारी कार्यालयों में काम कर रहे दिव्यांग कर्मचारियों और गर्भवती महिलाओं को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की छूट दे दी है।
लखनऊ. Government Employee Work From Home: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने सभी सरकारी कार्यालयों में काम कर रहे दिव्यांग कर्मचारियों और गर्भवती महिलाओं को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की छूट दे दी है। इस दौरान वह अपने मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के माध्यम से अपने-अपने ऑफिसों के संपर्क में रहेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें ऑफिस बुलाया जा सकेगा। इस संबंध में मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया है।
योगी सरकार ने उठाए कई बड़े कदम
आपको बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को बढ़ता देख उत्तर प्रदेश सरकार ने बचाव के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दफ्तरों में सोशल डिस्टेंसिंग की स्थिति का आंकलन करने के बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बड़ी संख्या में कार्यालयों से काम कर रहे कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश जारी किया है। योगी सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने की सुविधा देने को लेकर आदेश भी जारी कर दिया है।
28 दिनों की पेड लीव
कोरोना से संक्रमित ऐसे प्राइवेट कर्मचारी जो कोविड 19 से संदिग्ध रूप से प्रभावित हों और अलग रखे गए हों, उनकी कंपनी उन्हें 28 दिनों की पेड लीव देगी। यह अवकाश तभी मंजूर होगा जब कर्मचारी स्वस्थ होने के बाद अपनी कंपनी को चिकित्सा प्रमाण पत्र देंगे। श्रम विभाग से जारी शासनादेश में कहा गया है कि ऐसी दुकानें, वाणिज्यिक अधिष्ठान और कारखाने जो राज्य सरकार या जिला मजिस्ट्रेट के आदेश से अस्थायी रूप से बंद है, उनके कर्मचारियों और कर्मकारों को अस्थायी बंदी की अवधि के लिए नियोजक की ओर से मजदूरी सहित अवकाश दिया जाएगा। ऐसी सभी दुकानें, वाणिज्यिक अधिष्ठान और कारखाने जहां 10 या उससे ज्यादा कर्मचारी या कर्मकार नियोजित हों, उनके सूचना पट और मुख्य द्वार पर कोविड-19 की रोकथाम के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से बताए गए सुरक्षा उपायों को भी डिस्प्ले करना होगा।