लखनऊ

बालिका योजना के तहत योगी सरकार छात्राओं को दे रही दस हजरा रुपये, आप भी उठाएं लाभ

प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के तहत मेधावी को सम्मानित किया जाता है। हालांकि, इसके लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इस योजना के लिए आपको अपने शैक्षिक संस्थान में आवेदन करना होगा। आवेदन करने के बाद आपको अपनी सही व स्पष्ट अकाउंट डिटेल दर्ज करानी होगी। अगर अकाउंट डिटेल में गड़बड़ी होगी तो आप तक सहायता राशि के पहुंचने पर समस्या हो सकती है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2019 सत्र बीतने के बाद भी करीब 250 छात्राएं इस योजना के लाभ से वंचित रही है। इसके पीछे इनके खाते में गड़बड़ी कारण है।
2 min read
• •
Updated: 4 May 2022, 9:34 AM IST
balika_6.jpg

लखनऊ.‌ उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं और बच्चियों के लिए कई योजनाएं चला रहा है। इसी क्रम में अब उत्तर प्रदेश सरकार छात्राओं को आर्थिक सहायता देने के लिए सक्षम बालिका संपन्न परिवार योजना चला रहा है। जिसके तहत पॉलिटेक्निक में पढ़ने वाली छात्राओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत पॉलिटेक्निक में पढ़ाई करने वाली मेधावी छात्राओं को 10000 रुपये उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दिए जाते हैं। ‌सरकार मेधावियों को यह राशि उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक तौर पर मजबूत करने का काम करती है। ‌

मेधावियों को किया जाता है सम्मानित

प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के तहत मेधावी को सम्मानित किया जाता है। हालांकि, इसके लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इस योजना के लिए आपको अपने शैक्षिक संस्थान में आवेदन करना होगा। आवेदन करने के बाद आपको अपनी सही व स्पष्ट अकाउंट डिटेल दर्ज करानी होगी। अगर अकाउंट डिटेल में गड़बड़ी होगी तो आप तक सहायता राशि के पहुंचने पर समस्या हो सकती है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2019 सत्र बीतने के बाद भी करीब 250 छात्राएं इस योजना के लाभ से वंचित रही है। इसके पीछे इनके खाते में गड़बड़ी कारण है।

कई मेधावियों की राशि अटकी

इस योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक राजकीय अनुदानित पॉलिटेक्निक संस्था में प्रथम व द्वितीय वर्ष में पहले दूसरे व तीसरे स्थान रहने वाली छात्रा को प्रोत्साहन स्वरूप 10000 रुपये दिए जाने हैं। एक ही स्थान पर दो छात्राओं के अंक समान होने पर भी दोनों को राशि देने का प्रावधान है। 5 साल चली योजना का वर्ष 2019-20 में अंतिम सत्र था। इस दौरान 2276 छात्र छात्राओं के खाते में संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने रुपए भेजे लेकिन 250 से अधिक छात्राओं के खाते में राशि नहीं पहुंची। पता चला कि नाम कॉमन होने से उनका खाता संख्या और आईएफएससी कोड गड़बड़ हो गया। इसको लेकर छात्रों ने पूर्व में कई बार शिकायत की है उधर परिषद प्रशासन का दावा है कि एक एक छात्र का व्योरा निकाला जा रहा है। डिटेल मिलते ही खाते में राशि भेज दी जाएगी। ‌राम रतन प्रभारी सचिव संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने बताया कि कुछ छात्राओं के बैंक खाते के विवरण ठीक नहीं होने से राशि नहीं भेजी जा सकी है। 100 छात्राओं का विवरण मिल गया है जिसका मिलते ही सभी के खाते में राशि भेजी जाएगी।

Published on:
Also Read
View All