
Ayodhya Hajj Pilgrims: हज-2027 के लिए चयनित हज यात्रियों को अब अपनी यात्रा से पहले अनिवार्य मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अयोध्या ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार चयनित यात्रियों की स्वास्थ्य जांच दो चरणों में कराई जाएगी। प्रथम चरण में चयन के बाद और दूसरा चरण हज यात्रा की उड़ान से पूर्व पूरा किया जाएगा। पहले चरण की मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस प्रमाण-पत्र सहित जरूरी दस्तावेजों को हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर 15 सितंबर 2026 तक अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षित हज यात्रा को ध्यान में रखते हुए की गई है। हज यात्रा के दौरान लंबी दूरी, मौसम, अत्यधिक भीड़ और शारीरिक गतिविधियों को देखते हुए यात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति का समय रहते परीक्षण आवश्यक माना गया है। मेडिकल जांच के दौरान यात्रियों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां सही और स्पष्ट रूप से देनी होंगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि सचिव एवं कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति, लखनऊ के माध्यम से हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई द्वारा जारी सर्कुलर-10 दिनांक 1 सितंबर 2026 के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसमें हज-2027 के चयनित यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस से संबंधित विस्तृत व्यवस्था निर्धारित की गई है।
निर्देशों के अनुसार चयनित हज यात्रियों की स्वास्थ्य जांच को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण चयन के बाद कराया जाएगा, जबकि दूसरा चरण यात्रा और उड़ान से पहले होगा। दोनों चरणों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हज यात्रा पर जाने वाला व्यक्ति स्वास्थ्य की दृष्टि से यात्रा करने के लिए सक्षम है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे मेडिकल जांच की प्रक्रिया को गंभीरता से लें और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लें।
प्रथम चरण की मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए चयनित हज यात्रियों को सरकारी चिकित्सा केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच करानी होगी। जांच के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा।
निर्धारित प्रारूप में एलोपैथिक पद्धति के चिकित्सक द्वारा यात्री की स्वास्थ्य जांच के बाद मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को भी शासन स्तर से आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं, ताकि चयनित यात्रियों को जांच और प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने नजदीकी सरकारी चिकित्सा केंद्र की जानकारी प्राप्त कर मेडिकल जांच करा लें। अंतिम समय का इंतजार करने से दस्तावेज तैयार करने और उन्हें ऑनलाइन अपलोड करने में परेशानी हो सकती है।
हज-2027 के चयनित यात्रियों के लिए 15 सितंबर 2026 की समयसीमा बेहद महत्वपूर्ण है। मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस प्रमाण-पत्र के साथ अग्रिम जमा धनराशि की रसीद तथा अन्य आवश्यक प्रपत्र हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट hajcommittee.gov.in पर निर्धारित तिथि तक अपलोड करने होंगे।
समय सीमा के भीतर दस्तावेज अपलोड न करने की स्थिति में यात्रियों को आगे की प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से चयनित हज यात्रियों को समय रहते ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
हज यात्रा की तैयारी केवल टिकट या यात्रा संबंधी औपचारिकताओं तक सीमित नहीं होती। पासपोर्ट, आवेदन, भुगतान और अन्य दस्तावेजों के साथ स्वास्थ्य संबंधी औपचारिकताएं भी अब यात्रा प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
प्रथम चरण की मेडिकल स्क्रीनिंग पूरी होने के बाद यात्रियों को केवल प्रमाण-पत्र वेबसाइट पर अपलोड कर देने तक सीमित नहीं रहना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र और स्वास्थ्य जांच से संबंधित रिपोर्ट को सुरक्षित रखना आवश्यक होगा।
यह रिपोर्ट दूसरे चरण की मेडिकल जांच के समय प्रस्तुत करनी पड़ सकती है। हज यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे जांच से संबंधित सभी मूल दस्तावेजों और रिपोर्टों को सुरक्षित रखें तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें संबंधित अधिकारियों और चिकित्सकों के समक्ष प्रस्तुत करें। दूसरे चरण की जांच उड़ान से पहले होगी। उस समय यात्री की तत्कालीन स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। इस व्यवस्था के माध्यम से यात्रा से ठीक पहले भी स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
हज समिति और संबंधित अधिकारियों ने यात्रियों को विशेष रूप से आगाह किया है कि मेडिकल जांच के दौरान किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या को छिपाया नहीं जाए। स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी देना प्रत्येक यात्री की जिम्मेदारी होगी।
निर्देशों के अनुसार यदि कोई यात्री जांच में यात्रा के लिए अनफिट पाया जाता है तो उसकी हज यात्रा निरस्त की जा सकती है। ऐसी स्थिति में नियमों के अनुसार संबंधित यात्री की जमा धनराशि वापस किए जाने की व्यवस्था लागू हो सकती है। हालांकि, यदि किसी यात्री द्वारा जानबूझकर बीमारी या महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी छिपाई जाती है और बाद में जांच में उसे अनफिट पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में जमा धनराशि जब्त किए जाने जैसी कार्रवाई भी नियमों के अनुसार संभव है।
सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी है स्वास्थ्य जांच
हज यात्रा को दुनिया की बड़ी धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है, जिसमें विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। यात्रा के दौरान पैदल चलना, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में रहना और अलग मौसम की परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यात्रियों की शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य की स्थिति का पहले से परीक्षण करना आवश्यक माना जाता है।
दो चरणों में मेडिकल स्क्रीनिंग की व्यवस्था इसी उद्देश्य से की गई है। चयन के बाद पहली जांच से यात्री की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिल सकेगी, जबकि उड़ान से पहले दूसरी जांच से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्री यात्रा के समय भी स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी छिपाने से केवल संबंधित व्यक्ति ही नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान उसके साथ मौजूद अन्य लोगों को भी परेशानी हो सकती है। इसी वजह से यात्रियों को जांच के दौरान पूरी पारदर्शिता बरतने की सलाह दी गई है।
अयोध्या जिले के चयनित हज यात्रियों को भी निर्धारित समय सीमा के प्रति जागरूक किया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने यात्रियों से कहा है कि वे मेडिकल जांच, प्रमाण-पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। समय पर दस्तावेज तैयार करने से ऑनलाइन अपलोडिंग में होने वाली तकनीकी या अन्य परेशानियों से बचा जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम दिनों में वेबसाइट पर अधिक संख्या में लोग दस्तावेज अपलोड करने का प्रयास कर सकते हैं, इसलिए प्रक्रिया को पहले ही पूरा करना बेहतर रहेगा।
हज यात्रा के लिए चयनित होना यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर होता है, लेकिन इसके साथ कई प्रशासनिक और स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं। मेडिकल स्क्रीनिंग को केवल औपचारिक प्रक्रिया के रूप में देखने के बजाय इसे सुरक्षित यात्रा की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। चयनित यात्रियों से अपेक्षा की गई है कि वे सरकारी चिकित्सा केंद्र पर निर्धारित प्रारूप में जांच कराएं, प्रमाण-पत्र प्राप्त करें और समय सीमा के भीतर उसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन अपलोड करें।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी बीमारी या समस्या की सही जानकारी देना जरूरी है। हज यात्रा की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन प्रत्येक यात्री की जिम्मेदारी है। 15 सितंबर की समयसीमा नजदीक होने के कारण अब चयनित यात्रियों को मेडिकल जांच और दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी। दो चरणों की स्वास्थ्य जांच व्यवस्था के माध्यम से हज-2027 की यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।