UP Highway: उत्तर प्रदेश में 15573 करोड़ रुपये की लागत से नई हाईवे परियोजनाएं शुरू की जाएगी, जिससे कानपुर, बाराबंकी, बरेली, आगरा और अन्य जिलों में यात्रा में आसानी होगी। इन परियोजनाओं से सड़क नेटवर्क में सुधार होगा और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
UP Road Development: उत्तर प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा 15573 करोड़ रुपये की लागत से कई नई हाईवे परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख शहरों और जिलों को जोड़ना है, जिससे यात्रा की समय सीमा कम होगी और राज्य की सड़कों पर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। कानपुर, बाराबंकी, बहराइच, आगरा, मथुरा, बरेली और अलीगढ़ जैसे प्रमुख जिलों के लिए ये हाईवे परियोजनाएं वरदान साबित होंगी।
एनएचएआई ने चार हाईवे परियोजनाओं के लिए वित्तीय बिड प्रक्रिया पूरी कर ली है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 5324 करोड़ रुपये है।
बाराबंकी से जरवल मार्ग पर खर्च होंगे 2300 करोड़ रुपये
बाराबंकी से जरवल मार्ग पर 1550 करोड़ रुपये खर्च कर करीब 35.7 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। इसके अलावा, इस मार्ग के पैकेज-2 में 7.3 किलोमीटर लंबा फोरलेन ब्रिज और रेलवे उपरिगामी सेतु (आरओबी) बनेगा। इस परियोजना पर 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जरवल से बहराइच के बीच 58.4 किमी लंबी सड़क बनाने के लिए 2050 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत है।
उत्तर प्रदेश में आगरा बाईपास के निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है। आगरा इनर रिंग रोड और आगरा बाईपास (एनच-2) का निर्माण कार्य आगामी 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा हरदोई बाईपास का निर्माण कार्य भी जुलाई 2025 तक समाप्त हो जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों के यातायात में सुधार होगा।
गोरखपुर-पिपराइच मार्ग का संशोधित एस्टीमेट मंजूर
गोरखपुर- पिपराइच मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए संशोधित एस्टीमेट को मंजूरी दे दी गई है। यह सड़क 19.485 किमी लंबी होगी। इस सड़क के निर्माण से गोरखपुर जिले के यातायात की स्थिति में सुधार होगा।
उत्तर प्रदेश में बनने वाली ये हाईवे परियोजनाएं प्रदेश की सड़क यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली हैं। इन परियोजनाओं से न केवल सड़क नेटवर्क में सुधार होगा, बल्कि विकास की गति भी तेज होगी। इससे व्यापार, पर्यटन और राज्य की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस बड़े निवेश से न केवल राज्यवासियों को यात्रा में सुविधा मिलेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी।