लखनऊ

आज से हिंदू नव संवत्सर शुरू, सूर्य होंगे राजा और मंत्री, जानें राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव

Hindu New Year 2025:आज से हिंदू नव संवत्सर शुरू हो गया है। नव संवत्सर का नाम सिद्धार्थी संवत है। इस नव संवत्सर के राजा और मंत्री सूर्य होंगे। देश दुनिया में इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है। आगे पढ़ें कि नव संवत्सर का विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है…

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Mar 30, 2025
आज से हिंदू नव संवत्सर शुरू हो गया है

Hindu New Year 2025:आज से हिंदू नववर्ष शुरू हो गया है। चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ आज से सिद्धार्थी नाम से नया संवत्सर शुरू हो गया है। हिंदू नव वर्ष यानी विक्रमी संवत 2082 शुरू हो गया है। नव संवत्सर के प्रथम दिवस आज उत्तराखंड के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। जागेश्वर धाम के ज्योतिषाचार्य पंडित खीमानंद भट्ट के मुताबिक सिद्धार्थी संवत के राजा और मंत्री भी सूर्य देव होंगे। इस समय ग्रहों की स्थिति राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज और प्राकृतिक घटनाओं को प्रभावित करेगी। नए साल के दिन सूर्य मीन राशि में रहेगा, जो आध्यात्मिकता, अंतर्ज्ञान और मानसिक शांति को बढ़ावा देगा। चंद्रमा मेष राशि में रहेगा, जो आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ाएगा। वहीं, शनि और बृहस्पति का प्रभाव शनि मकर राशि पर रहेगा, जो कर्म प्रधानता और अनुशासन बढ़ाएगा। बृहस्पति वृषभ राशि में स्थित होगा, जो आर्थिक मामलों में स्थिरता और व्यावसायिक प्रगति दे सकता है। मंगल मिथुन राशि में रहेगा, जो संचार और प्रौद्योगिकी से जुड़े क्षेत्रों में तेजी लाएगा। राहु मीन राशि में और केतु कन्या राशि में रहेंगे, जिससे आध्यात्मिकता में बढ़ोत्तरी होगी और राजनीतिक क्षेत्र में कुछ उथल-पुथल हो सकता है।

इन राशियों को अपैट और वामपाद दोष

सिद्धार्थी संवत्सर में मेष, सिंह और धनु राशि में संवत्सर अपैट होगा। कर्क, वृच्छिक और मीन राशि में संक्रांति अपैट होगा। सिंह और कुंभ राशि में राहु-केतू का वास होगा। सिंह और धनु राशि में शनिदेव की ढैया जबकि कुंभ, मीन और मेष राशि में शनि की साढ़े साती चलेगी। तुला और वृच्छिक राशि में वामपाद दोष होगा। वामपाद दोष निवारण के लिए विधिवत पूजन करवाना होगा।

Published on:
30 Mar 2025 07:42 am
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