सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए केंद्र व राज्य सरकार को अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए केंद्र व राज्य सरकार को अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। इसके बाद अयोध्या में ही हिंदू समुदाय ने भी आपसी सौहार्द दर्शाते हुए मस्जिद के लिए जमीन उपलब्ध कराने की पेशकश की है। मुस्लिम भी अपनी जमीन देने के लिए सामने आए हैं। इनमें से एक ने खुद के बाबर के सिपाही मीर बाकी का रिश्तेदार बताते हुए सहनवा गांव में जमीन देने की पेशकश की है।
सरकार करे पहल तो दे दूंगा जमीन-
मीर बाकी का रिश्तेदार रजी हसन ने एक अखबार से बातचीत में कहा है कि देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट का मामले पर फैसला आ गया है, जिसे सभी को मान्य होना चाहिए। यह एक संवेदनशील मुद्दा है और इसको लेकर एक-एक शब्द नाप तौल कर बोलना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि सरकार यदि पहल करती है तो वह सहनवा के पास जमीन देने को तैयार है। आपको बता दें कि सहनवा, रामजन्मभूमि व अयोध्या के मुख्य बाजार से पांच किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं मीर बाकी की मजार भी है।
निजी स्कूल के चेयरमैन जमीन देने को तैयार-
वहीं एक निजी स्कूल के चेयरमैन डॉ. संजय तिवारी भी सामने आए हैं, जो मस्जिद के लिए अपनी जमीन देने के लिए तैयार है। उनकी 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के निकट एक जमीन है। वह कहते हैं कि यदि सरकार चाहे तो उनकी जमीन ले सकती है। हालांकि इससे पहले भी कई कोशिशें हुई थी, लेकिन बात नहीं बनी। अब जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है, तो दोबारा हिंदू व मुस्लिम दोनों ही पक्ष मस्जिद के लिए जमीन देने की पहल कर रहे हैं।