लखनऊ

साइबर अपराध व हैकर से बचने के तरीकें, जानें फ्रॉड होने के बाद कहां और कैसे करें प्रभावी शिकायत

Cyber Fraud: साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि हैकर आपके कम्प्यूटर व मोबाइल में लिंक के मदद से एक्सेस ले लेते हैं जिसके बाद आपके अकाउंट उनके कब्जे में आ जाते हैं। ऐसे में किसी भी ऐसे लिंक को टच नहीं करना चाहिए जिसके बारे में आपको पूरी जानकारी न हो। वहीं लोगों को शिकार बनाने के लिए साइबर अपराधी रोज नई तकरीब निकाल रहे हैं। लेकिन इस सब के बीच अगर अपने आपको जागरूक किया जाए व कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो काफी हद तक साइबर अपराधियों से बचा जा सकता है।

3 min read
Apr 17, 2022

Cyber Fraud: साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए रोज नए तरीके अपना रहे हैं। अपराधी ऐसे तरीकों को अपनाते हैं जिससे लोग आसानी से फंस जाते हैं। ऐसे में हमें साइबर से जुड़ी अपनी जानकारियों को बढ़ाना चाहिए जिससे हम खुद को इन फ्रॉड से बचा सकें। साइबर फ्रॉड व हैकर इतने प्रभावी हो गए हैं कि पिछले दिनों साइबर हैंकर ने मुख्यमंत्री योगी के ट्वीर अकाउंस सहित यूपी सरकार के कई विभागों के अकाउंट हैक कर लिए।

Cyber Fraud: साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि हैकर आपके कम्प्यूटर व मोबाइल में लिंक के मदद से एक्सेस ले लेते हैं जिसके बाद आपके अकाउंट उनके कब्जे में आ जाते हैं। ऐसे में किसी भी ऐसे लिंक को टच नहीं करना चाहिए जिसके बारे में आपको पूरी जानकारी न हो। वहीं लोगों को शिकार बनाने के लिए साइबर अपराधी रोज नई तकरीब निकाल रहे हैं। लेकिन इस सब के बीच अगर अपने आपको जागरूक किया जाए व कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो काफी हद तक साइबर अपराधियों से बचा जा सकता है।

ये है स्थिति

Cyber fraud: उत्तर प्रदेश पुलिस के सामने इन दिनों साइबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है साइबर अपराध की रोकथाम के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं इसके बावजूद भी साइबर अपराध पर लगाम नहीं लग पा रही है लेकिन अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए वह ऑनलाइन शॉपिंग वह ऑनलाइन बैंक ट्रांजैक्शन करते समय सावधानी बरती जाए तो काफी हद तक साइबर फ्रॉड से बचा जा सकता है। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए व साइबर फ्रॉड होने के बाद उचित कार्यवाही के लिए जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। जागरूकता के अभाव में साइबर अपराधी के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो पाते हैं।

हो सकती है प्रभावी कार्यवाही

आज हम आपको साइबर अपराध से जुड़े तमाम नियम व प्रक्रिया के बारे में बताने जा रहे हैं सामान्यता देखा जाता है कि जब हम ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो कई बार हमें हमारे सामान की जगह दूसरा सामान भेज दिया जाता है। ऐसे में हम संबंधित वेबसाइट के टोल फ्री नंबर व मेल पर शिकायत कर सकते हैं। अगर शिकायत का निस्तारण नहीं होता है तो हम कंज्यूमर फोरम में वेबसाइट के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुकदमा दायर कर सकते हैं। कंस्यूमर के हितों की रक्षा के लिए कंज्यूमर कोर्ट के पास पर्याप्त अधिकार मौजूद हैं। कोर्ट लापरवाही करने पर संबंधित फर्म के खिलाफ जुर्माना व सजा दोनों की कार्यवाही कर सकती है। ‌

साइबर सेल से करें शिकायत

अगर आप जिस वेबसाइट शॉपिंग कर रहे हैं वह फ्रॉड होती है तो फिर इसकी शिकायत साइबर अपराध शाखा में की जा सकती है। आईपीसी की धारा के तहत वेबसाइट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाती है। ऑनलाइन शॉपिंग को सुरक्षित बनाने के लिए उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

डिलीवरी के दौरान करें वीडियोग्राफी

अगर आपने किसी ऑनलाइन शॉपिंग से सामान मंगाया है और सामान गलत आया है तो आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि डिलीवरी ब्वॉय के सामने ही आप सामान खोलें और उसकी वीडियोग्राफी करें अगर इस दौरान सामान गलत पाया जाता है तो आप डिलीवरी ब्वॉय को तुरंत माल वापस कर रिसीविंग ले सकते हैं अगर आपने या काम नहीं किया और सामान बाद में खोला तो फिर ऐसे मामले में आप वेबसाइट के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही नहीं करा सकते हैं। इसलिए जब भी आप ऑनलाइन शॉपिंग की मदद से सामान मंगाए तो उसकी वीडियोग्राफी जरूर करें।

मौजूद है पर्याप्त कानून

भारत के पास ऑनलाइन फ्रॉड व फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त कानून मौजूद हैं। जहां, उपभोक्ता संरक्षण के लिए उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 मौजूद है तो वहीं साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ 6 साल से लेकर 9 साल तक की सजा का प्रावधान भी मौजूद है। अगर आपको लगता है कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है तो आप थाने में एफआईआर दर्ज करा सकते हैं वहीं अगर उपभोक्ता के अधिकारों से खिलवाड़ किया गया है तो आप उपभोक्ता फोरम में मुकदमा दायर कर सकते हैं उपभोक्ता फोरम आपको मुआवजा दिला सकती है।

Updated on:
17 Apr 2022 09:55 am
Published on:
17 Apr 2022 09:52 am
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