
Drone Camera Unit: कानू न व्यवस्था जहां एक और सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा हुआ मुद्दा है वहीं उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी है। उत्तर प्रदेश में पिछले दो विधानसभा चुनाव की बात करें तो प्रदेश का कानून व्यवस्था मुद्दा बनी रही। कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए जिम्मेदार लगातार सक्रिय हैं। अब जब उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार दोबारा से बनने जा रही है तो कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू हो गए हैं।
चप्पे चप्पे पर तैनात होंगे कैमरे
उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जाएगा। कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरे की यूनिट तैयार की जाएगी। इस यूनिट को संबंधित क्षेत्र के सर्किल ऑफिसर की निगरानी में तैयार किया जाएगा और यह खास तरह से काम करेगी। सर्कल ऑफिसर के नेतृत्व में बनने वाली इस ड्रोन यूनिट में अत्याधुनिक ड्रोन कैमरे व एक्सपर्ट को शामिल किया जाएगा। ड्रोन कैमरे की मदद से संवेदनशील स्थानों पर नजर रखीं जाएगी साथ ही किसी आकस्मिक घटना पर ड्रोन की मदद से स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इससे पुलिस को घटनास्थल के बारे में सही और सटीक जानकारी एविडेंस के साथ मिल सकेगी। इससे जहां स्थिति पर कंट्रोल पाने में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे वहीं दूसरी ओर अपराधियों के खिलाफ सबूत जुटाने में भी ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।
बढ़ेगी संख्या
कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पहले ही ड्रोन कैमरा का सहारा लिया जा रहा है लेकिन अभी तक ड्रोन कैमरा की संख्या काफी कम है और इसका प्रयोग भी काफी सीमित है। लेकिन आने वाले दिनों में पुलिस विभाग को कैमरे की संख्या बढ़ाकर प्रत्येक जिले में यूनिट की स्थापना करेगी जो पुलिस इन को बेहतर करने में मददगार साबित होगी।
बॉडी वार्म कैमरों की संख्या में होगी इजाफा
ड्रोन कैमरा के साथ ही पुलिस कर्मचारी की सुविधा के लिए बॉडी बॉल कैमरे की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। डीजी लॉजिस्टिक बीके मौर्य के अनुसार वर्तमान में 3635 बॉडी वार्म कैमरे सक्रिय हैं जिसमें से 2652 कैमरो का उपयोग ट्रैफिक पुलिस द्वारा किया जा रहा है। आने वाले दिनों में पुलिस फोर्स में 25000 और बॉडी बार कैमरे शामिल किए जाएंगे जिसकी खरीदारी के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई।