
Divya Mittal IAS Resignation: उत्तर प्रदेश की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद सोमवार को वह पहली बार अपने कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान उनसे मिलने के लिए कुछ लोग भी पहुंचे। दिव्या मित्तल ने प्रमुख सचिव SP गोयल को भेजे अपने त्यागपत्र में निजी और पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, अभी तक उनका इस्तीफा आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है।
दिव्या मित्तल इस समय राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। इस्तीफे के बाद सोमवार को वह लखनऊ के एनेक्सी भवन स्थित अपने कार्यालय पहुंचीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कुछ समय तक कार्यालय में रहीं और इसके बाद वापस लौट गईं।
43 साल की दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद पद छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की थी। उनके इस फैसले के सामने आने के बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, त्यागपत्र में उन्होंने निजी पारिवारिक कारणों को इस्तीफे की वजह बताया है। ऐसे में उनके इस्तीफे के पीछे किसी अन्य कारण को लेकर लगाई जा रही अटकलों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ पोस्ट और दावों में कहा जा रहा है कि वह फील्ड पोस्टिंग चाहती थीं और अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण पद पर तैनाती से नाराज थीं। वहीं, कुछ चर्चाओं में यह भी दावा किया जा रहा है कि दिव्या मित्तल अब राजनीति में अपनी किस्मत आजमा सकती हैं। सोशल मीडिया पर यहां तक कहा जा रहा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर से चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, इन दावों को लेकर दिव्या मित्तल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इन्हें सिर्फ चर्चाओं और अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
दिव्या मित्तल को मिर्जापुर की जिलाधिकारी के तौर पर भी जाना जाता है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई कामों को लेकर सुर्खियां बटोरी थीं। खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर किए गए प्रयासों की चर्चा हुई थी। उनके कार्यकाल के दौरान एक गांव में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या को दूर करने और वहां पेयजल पहुंचाने की पहल की गई थी। इस काम के लिए दिव्या मित्तल की काफी तारीफ हुई थी।
मिर्जापुर से करीब एक साल बाद जब दिव्या मित्तल का तबादला हुआ तो स्थानीय लोगों ने उन्हें अलग अंदाज में विदाई दी थी। बताया जाता है कि उनके विदाई कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उन पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। इस घटना ने भी उस समय काफी ध्यान खींचा था और दिव्या मित्तल की लोकप्रियता की चर्चा प्रदेश स्तर पर हुई थी।
दिव्या मित्तल का शैक्षणिक और पेशेवर सफर भी काफी खास रहा है। उन्होंने IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई की है। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले वह लंदन में नौकरी कर चुकी हैं, जहां उन्हें अच्छा पैकेज मिल रहा था। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी की और प्रशासनिक सेवा में अपना करियर बनाया।
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्हें 2012 में IPS कैडर आवंटित हुआ था। इसके बाद ट्रेनिंग और लगातार मेहनत के जरिए उन्होंने IAS बनने का सफर तय किया। प्रशासनिक सेवा में अपने कार्यकाल के दौरान वह उत्तर प्रदेश में अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर तैनात रहीं।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ दिव्या मित्तल लेखन में भी सक्रिय रही हैं। उन्होंने हाल ही में एक किताब लिखी है। IAS की नौकरी छोड़ने के फैसले के बाद अब उनके भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है और उन्होंने अपने त्यागपत्र में निजी पारिवारिक कारणों का उल्लेख किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दिव्या मित्तल का अगला कदम क्या होता है।