लखनऊ

इन तीन नामों में से या फिर कोई और? आज होगी यूपीएससी की अहम बैठक; कौन होगा यूपी का DGP?

Who will be the DGP of UP: आज यूपीएससी की अहम बैठक दिल्ली में होगी। यूपी में स्थायी डीजीपी नियुक्ति की प्रकिया को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।

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May 26, 2026
कौन होगा यूपी का DGP? फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Who will be the DGP of UP:उत्तर प्रदेश को करीब 4 साल बाद स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिलने जा रहा है। इसको लेकर मंगलवार को दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की अहम बैठक आयोजित होगी। बैठक में यूपी सरकार की ओर से मुख्य सचिव एसपी गोयल हिस्सा लेंगे। इसी बैठक में यूपी सरकार को भेजे जाने वाले 3 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के पैनल पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

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राजीव कृष्ण का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा

हालांकि अंतिम फैसला यूपी सरकार को करना है, लेकिन सूत्रों की माने तो मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्णका स्थायी DGP बनना लगभग तय माना जा रहा है। पैनल में शामिल 3 वरिष्ठ IPS अधिकारियों में से ही राज्य सरकार को अपना नया DGP चुनना होगा।

सीनियरिटी में सबसे आगे हैं रेणुका मिश्रा

सीनियरिटी सूची के अनुसार 1990 बैच की IPS अधिकारी रेणुका मिश्रा सबसे वरिष्ठ हैं। हालांकि जुलाई 2024 में सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले के बाद से उन्हें कोई नई तैनाती नहीं दी गई है। इसी वजह से उनका नाम चर्चा में होने के बावजूद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा रही।

पीयूष आनंद का भी आगे चल रहा नाम

स्थायी DGP की दौड़ में 1991 बैच के IPSअधिकारी पीयूष आनंद का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। फिलहाल वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के महानिदेशक के रूप में तैनात हैं। वहीं तीसरे दावेदार मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्ण हैं।

मई 2022 से यूपी में नहीं हुआ स्थायी DGP का चयन

गौरतलब है कि मई 2022 में तत्कालीन DGP मुकुल गोयल के हटने के बाद से उत्तर प्रदेश को स्थायी DGP नहीं मिल सका है। तब से लगातार कार्यवाहक व्यवस्था के जरिए पुलिस विभाग का संचालन किया जा रहा है।

IPS रेणुका मिश्रा के बारे में?

1990 बैच की IPS अधिकारी रेणुका मिश्रा पहले भी DGP बनने की दौड़ में शामिल रही हैं। हालांकि उस समय उनसे वरिष्ठ चार IPS अधिकारियों के मौजूद होने की वजह से उनका मामला आगे नहीं बढ़ सका था। रेणुका मिश्रा को वर्ष 2021 में डीजी पद पर प्रमोट किया गया था। उन्होंने बीकॉम में कॉमर्स और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है, साथ ही पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन में एमए भी किया है।

वे उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। हालांकि सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद सरकार ने उनसे यह जिम्मेदारी वापस लेकर डीजी राजीव कृष्ण को सौंप दी थी।

IPS पीयूष आनंद के बारे में

1991 बैच के IPS अधिकारी पीयूष आनंद वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर NDRF के महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 1 अप्रैल 2024 को यह जिम्मेदारी संभाली थी। हाल ही में केंद्र सरकार ने उनका कार्यकाल एक वर्ष के लिए और बढ़ाया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान पीयूष आनंद ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में एडीजी और विशेष डीजी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया है। इसके अलावा वे करीब सात साल तक सीबीआई में भी सेवाएं दे चुके हैं।

आईआईटी दिल्ली से की इंजीनियरिंग

पीयूष आनंद ने आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके साथ ही उन्होंने एमडीआई गुरुग्राम से लोक नीति में स्नातकोत्तर की पढ़ाई भी की है। उत्तर प्रदेश में सेवा के दौरान वे 11 जिलों में एसपी और एसएसपी के रूप में तैनात रह चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव और केंद्रीय सेवाओं में लंबे कार्यकाल की वजह से उन्हें भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

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