
Imran Masood Comment on Samajwadi Party: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। मसूद ने कहा- सपा नेताओं को मुझ पर हमला करने के बजाए बीजेपी का मुकाबला करना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि मुसलमानों की मस्जिदें और मदरसे गिराए जा रहे हैं। मुसलमानों के साथ अन्याय हो रहा है।
दलित भी अत्याचार का सामना कर रहे हैं। मसूद ने कहा कि इन मुद्दों पर भी आवाज उठनी चाहिए। अगर सच में बीजेपी से लड़ना है तो पहले गठबंधन को अंतिम रूप दिया जाए। समाजवादी पार्टी के नेता सिर्फ कागजों पर गठबंधन की बात करते हैं। धरातल पर कुछ नहीं है।
सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव उदयवीर सिंह के बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने पलटवार किया है। सांसद ने कहा- गठबंधन की सबसे ज्यादा बात समाजवादी पार्टी करती है, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उसे कांग्रेस के साथ गठबंधन का सबसे ज्यादा फायदा मिला।
इमरान मसूद ने कहा- गठबंधन का सबसे ज्यादा शोर समाजवादी पार्टी मचा रही है। गठबंधन की वजह से ही सपा 2024 के लोकसभा चुनाव में 37 सीटें जीत पाई। 2022 के विधानसभा चुनाव में तो वह 120 सीटें भी पार नहीं कर सकी।
इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस की अपनी अलग पहचान है। कांग्रेस किसी के सहारे राजनीति नहीं करती है। हम कांग्रेस हैं, हमारी अपनी पहचान है। यह गलतफहमी मत पालिए कि सब कुछ आपकी वजह से है। देश में जो माहौल बना है, वह राहुल गांधी के नेतृत्व में बना है।
मुस्लिम नेतृत्व के मुद्दे पर सपा को निशाने पर लेते हुए इमरान मसूद ने कहा- समाजवादी पार्टी को बोलता हुआ मुसलमान बर्दाश्त नहीं होता है। आजम खान के साथ क्या हुआ, यह पूरा देश जानता है। आज जो मुसलमान अपनी बात खुलकर रखता है। वह कांग्रेस में है और यही बात उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रही है।
इमरान मसूद ने कहा- हमने कभी समाजवादी पार्टी से टिकट या समर्थन नहीं मांगा। मैं अपनी पार्टी से बात करता हूं। मैं कांग्रेस का सिपाही हूं, अखिलेश यादव का नहीं। मैं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नाम पर चुनाव जीता हूं। इमरान मसूद ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के लिए एक भी रैली नहीं की। सांसद ने कहा कि मुझ पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव का कोई एहसान नहीं है। गठबंधन होने के बावजूद उनकी पूरी पार्टी मेरे खिलाफ काम कर रही थी। गठबंधन जारी रखना या नहीं रखना, यह समाजवादी पार्टी का फैसला हो सकता है।