10 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Akhilesh Yadav Statement: ‘2027 का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, संविधान बचाने की लड़ाई है’, अखिलेश यादव का कार्यकर्ताओं को नया मंत्र

UP Election 2027 Samajwadi Party Strategy: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का मुद्दा उठाकर भाजपा सरकार को घेरा है।
2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Aman Pandey

Jul 10, 2026

akhilesh yadav

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Photo: ANI)

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव एक सोची-समझी रणनीति के तहत अपनी गोटियां बिछाने में जुट गए हैं। जहां एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा अपनी चुनावी पिच तैयार कर रहे हैं, हीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव एक बेहद सोची-समझी और आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर चुके हैं। इस चुनावी जंग को धार देते हुए अखिलेश यादव ने अब एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि 2027 का यह संग्राम महज सत्ता या सरकार बदलने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह देश के संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय को बचाने की एक बड़ी लड़ाई है।

सपा के सियासी लड़ाई में समाज के हर वर्ग को साथ जोड़ने की कवायद शुरू

अखिलेश यादव की इस बड़ी सियासी लड़ाई में समाज के हर वर्ग को साथ जोड़ने की कवायद शुरू हो चुकी है। पार्टी ने अपनी चुनावी प्राथमिकताओं में गुरुओं यानी शिक्षक वर्ग को भी सबसे ऊपर रखने का संकेत दिया है। हाल ही में सपा के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से जारी एक पोस्टर के माध्यम से अखिलेश यादव ने शिक्षकों से एक बड़ा चुनावी वादा किया है। उन्होंने कहा है कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही शिक्षकों के हितों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए जाएंगे।

दलित वोट बैंक पर भी समाजवादी पार्टी की नजर

इसके साथ ही सपा दलित वोट बैंक पर भी विशेष ध्यान दे रही है। सूत्रों के अनुसार, सपा एक योजना पर काम कर रही है जिसके तहत अनुसूचित जाति (SC) के उम्मीदवारों को 14 सामान्य सीटों पर भी टिकट दिया जाएगा, जिससे पार्टी के कुल आरक्षित उम्मीदवारों की संख्या कम से कम 100 तक पहुंच जाएगी। फिलहाल प्रदेश में एससी के लिए 85 और एसटी के लिए 2 सीटें आरक्षित हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे मकसद यह संदेश देना है कि सपा दलितों को आगे बढ़ा रही है।

2027 की तैयारियों में जुटी सपा

पार्टी सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुट गई है। हाल के हफ्तों में पार्टी अध्यक्ष लगातार लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में नेताओं, विधायकों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं, जिनमें उन्होंने संगठन को हर बूथ तक मजबूत करने का आह्वान किया है।

बता दें कि अपने पूर्व के संबोधनों में पार्टी अध्यक्ष प्रदेश की भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं, कानून-व्यवस्था, किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर विफल रहने का आरोप लगाते रहे हैं। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर भी अपना समर्थन जताया है और मांग की है कि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार बिना देरी दिया जाए।

बड़ी खबरें

View All

लखनऊ

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग